"बस में अंदर का किराया 1200, छत का 800 रुपये" अपने घरों को निकले लोग...

गाजियाबाद से लखनऊ जा रही एक बस को जब प्रशासनिक अमले ने जांच के लिए रोका तो हालात देखकर दंग रह गए। 55 सीटर बस में 120 यात्री भरे थे। छत पर भी कुछ लोग बैठे थे। यात्रियों ने जब अपनी व्यथा सुनाई तो अफसर भौचक रह गए। बताया गया कि प्रति यात्री 1200 रुपये वसूले गए हैं। छत पर बैठने के लिए भी 800 रुपये चुकाए हैं। भूख प्यास से व्याकुल कई यात्रियों ने बताया कि उनके पास तो खाने के पैसे भी नहीं बचे।
हापुड़ निवासी चालक शहनवाज 27 मार्च को गाजियाबाद प्रशासन से अनुमति लेने के बाद 120 यात्रियों से भरी बस लेकर लखनऊ, सीतापुर के लिए निकला था। नौबस्ता हाईवे पर एसीएम प्रथम आरपी वर्मा, सीओ गोविदनगर नौबस्ता पुलिस के साथ चेकिग कर रहे थे। उन्होंने बस रोककर जांच की तो इस लूट की कहानी सामने आई। मेडिकल टीम ने सभी की थर्मल स्क्रीनिग की, फिर घर पहुंचने पर 14 दिन अकेले रहने की हिदायत दी। इस दौरान समाजसेवी संस्था व पुलिसकर्मियों ने सभी को लंच पैकेट दिया तो भूख से हलकान चेहरों पर कुछ रौनक आई। मेडिकल टीम ने बताया कि बस में कोई संदिग्ध नहीं मिला।

बस चालक किराया कम नहीं कर रहा था। रुपये भी मेरे पास 1100 से थे, इसलिए रातभर भूखे रहे। नौबस्ता में बस रुकी तो तब कुछ लोगों ने खाना खिलाया। -राजेश कुमार, बिहार बस में किस तरह से आये हैं, इस दर्द को बयां नहीं कर पाएंगे। पैर तो जैसे टूट गये हों। जब बस से उतरे तो सुकून मिला। - दीपक कुमार, उन्नाव काम बंद होने के बाद से रुपये का संकट है। इसके बाद चालक ने 800 रुपये लेकर बस की छत पर बिठा दिया।
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