हिमाचल में चमगादड़ों की लगातार हो रही है मौत, दो दिन में मर चुके हैं 14 चमगादड़...

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा (Kangra) जिले में कोरोना वायरस के खौफ के बीच मरे हुए चमगादड़ (Bat) मिलने का सिलसिला जारी है. अब लाड़थ पंचायत के साथ लगती भोल खास पंचायत में दो चमगादड़ मरे हुए पाए गए. मंगलवार को राजा के तालाब के बतराहण और लाड़थ में मरे हुए चमगादड़ मिले हैं. वेटरनरी विभाग ने मरे चमगादड़ के सैंपल ले लिए हैं. सैंपल जांच के लिए जालंधर ले जाया गया है. कल तक रिपोर्ट आने की संभावना है.
वहीं, विशेषज्ञ यह भी कयास लगा रहे हैं कि क्षेत्र में ओले गिरे हैं. चमगादड़ों की मौत संभव है कि ओलों के गिरने के चलते हुई हो. हालांकि, मौत के कारणों का पूरी तरह खुलासा रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगा. वहीं, विशेषज्ञ ने चमगादड़ों के मरने का कोरोना से लिंक होने की बात को नकारा है. उनका कहना है कि वायरस से खुद चमगादड़ नहीं मर सकती है, बल्कि चमगादड़ खाने वाले को वायरस प्रभावित करता है.

बता दें कि जसूर-तलवाड़ा रोड के नजदीक बतराहन बड़ी पंचायत के वार्ड नंबर 4 बांसा दा मोड़ चौक में रविवार की सुबह लगभग 10-12 मरे हुए चमगादड़ मिले थे. कुछ चमगादड़ दो पलाख के वृक्षों पर मरे हुए लटके थे, जबकि कुछ जमीन पर मरे हुए पड़े मिले. इसकी सूचना मिलने के बाद नायब तहसीलदार, वाइल्ड लाइफ, वेटरनरी़ वन और पुलिस विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी.

वेटरनरी डॉक्टर संजीव शर्मा ने बताया कि टीम ने मरे हुए चमगादड़ों के सैंपल पालमपुर और जालंधर जांच के लिए भेजे थे. इसके बाद इन चमगादड़ों को जला दिया गया था. इसकी सूचना मिलने के बाद राजा का तालाब और लाड़थ के लिए एक टीम रवाना हो गई है. एसडीएम फतेहपुर बलवान मंडोत्रा का कहना है कि सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं. एक-दो दिन में रिपोर्ट आ सकती है.
Loading...