इस गांव में कोरोना का नहीं, बल्कि भीमकाय जानवर का है भय, रात में मच गई अफरा तफरी, 170 ग्रामीणों को दूसरी जगह किया गया शिफ्ट...

जहां पूरा देश कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने घर के भीतर डेरा डाले हुए हैं, वहीं पसान रेंज के ग्राम बनिया के ग्रामीण अपनी जान को बचाने घर से बाहर निकल रहे हैं। इस गांव के ग्रामीणों में हाथियों का भय है। लोग जान बचाने इधर-उधर भाग रहे हैं। रविवार व सोमवार की दरमियानी रात हाथियों ने इस गांव में घुसकर खूब उत्पात मचाया। हाथियों ने सात मकानों को तोड़ दिया। इस भीमकाय जानवर की चिंघाड़ सुनते ही ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोग बाहर भागकर जान बचाए तो कुछ घरों में दुबक कर अपनी जान की खैर मना रहे थे। 
ऐहतिहान वन अमले ने सुबह से लोगों को सुरक्षित जगह पर शिफ्ट करना शुरू कर दिया। शाम तक कुल 170 लोगों को तीन बड़े वाहनों में गांव से बाहर सुरक्षित जगह पर पक्के मकान तक ले जाया गया। इस गांव में तीन हाथी पिछले एक सप्ताह से उत्पात मचा रहा है। पहले तो दो मकानों को तोड़ा। फिर तीन दिन पहले एक बुजुर्ग को घर में घुसकर हाथी ने रौंद दिया था। इसके बाद भी हाथियों का उत्पात लगातार जारी था। रविवार को दिनभर पूरा देश कोरोना को लेकर जनता कफ्र्यू के तहत घर के भीतर ही घुसे रहे, वहीं ग्राम बनिया के लोग शाम होते ही हाथियों के भय की वजह से इधर-उधर सुरक्षित स्थान पर जाने लगे थे। 
स्थिति ये थी कि हाथी कब गांव की सीमावर्ती क्षेत्र में घुस जाएंगे। इसे लेकर दिनभर लोग एक -दूसरे से फोन पर जानकारी लेते रहे। शाम पांच बजे जब पूरा देश ताली और थाली की आवाज से गो कोरोना कह रहा था तब यहां के लोग घरों में रहकर जाओ गजराज कह रहे थे। रात करीब 9 बजे तीन हाथी फिर से गांव में आ धमके। एक के बाद एक सात मकानों को हाथियों ने निशाना बनाया। जब तक हाथी गांव के एक छोर पर थे। तब तक वन विभाग के अमले ने लोगों को दूसरी जगह पर पहुंचाया। रात भर लोगों को सुरक्षित जगह पर रखा गया। सुबह वन अमला फिर मौके पर पहुंचा। लोग काफी डरे हुए थे। स्थिति को देखते हुए लोगों को दूसरी जगह शिफ्ट करने की तैयारी की गई। गजराज वाहन समेत अन्य वाहनों मेें 170 लोगों को पक्के मकान में शिफ्ट किया गया।
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