लॉकडाउन : 2 बाराती लेकर पहुंचा दूल्हा, 7 फेरे लेने के बाद भी बिना दुल्हन के ही लौट आया घर, जानिए क्यों?

कोरोना का फैलाव रोकने के लिए देश भर में लागू लॉकडाउन के कारण पूरा देश थमा हुआ है, लेकिन विवाह जैसे पूर्व निर्धारित कुछ आयोजन अभी भी संपन्न हो रहे हैं। वो भी बेहद सादगी के साथ। जोधपुर शहर में रविवार रात एक ऐसी ही शादी हुई। इस शादी में दूल्हा महज दो बाराती लेकर पहुंचा। वधू पक्ष के चुनिंदा परिजनों की उपस्थिति में शादी संपन्न हुई। हालांकि दुल्हन की विदाई रोक दी गई। लॉकडाउन समाप्त होने के पश्चात गाजे-बाजे के साथ दुल्हन की विदाई होगी। 
जोधपुर के ईसाइयों के कब्रिस्तान निवासी लिखमाराम भादू की तीन बेटियों का विवाह 29 मार्च को प्रस्तावित था। इस बीच कोरोना वायरस के कारण बिगड़ते हालात काबू करने के लिए देश में 24 मार्च से 21 दिन के लिए लॉकडाउन लागू कर दिया गया। ऐसे में लिखमाराम ने अपनी बेटियों का विवाह स्थगित करने के लिए लड़के वालों से बात की। दो लड़के वाले तो तैयार हो गए, लेकिन कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड निवासी जियाराम को घी पिला विवाह की रस्में शुरू कर दी गई थी।
ऐसे में सामाजिक मान्यता के अनुसार उसका विवाह टाला नहीं जा सकता था। इस पर सभी ने तय किया कि एक बेटी संतोष की शादी पूर्व निर्धारित तिथि को होगी। इस पर बगैर किसी धूम धड़ाके के। दूल्हे के साथ दो बाराती कल शाम एक कार में सवार होकर पहुंचे। सादगी के साथ दोनों के विवाह की रस्में पूर्ण की गई। बाद में आपसी सहमति से तय हुआ कि दुल्हन की विदाई बाद में उसकी दो अन्य बहनों की शादी के समय एक साथ की जाएगी। ऐसे में दुल्हन को साथ लिए बगैर दूल्हा अकेला ही वापस लौट गया। शादी की कई रस्मों के दौरान दूल्हा-दुल्हन मास्क लगाकर बैठे रहे। कुछेक अवसर पर मास्क को हटाया गया।
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