"मैडम मैं परदेश में हूं, घर पर राशन लाने वाला कोई नहीं है", यह संदेश पढ़ते ही डीसी ने भिजवाया 2 महीने का अनाज

लॉकडाउन में जो जहां है वो वहीं से अपने परिवार को लेकर चिंतित हो रहा है। हालांकि प्रशासन की ओर से लगातार यह पहल की जा रही है कि किसी को कोई दिक्कत नहीं हो। लोग इस परेशानी की घड़ी में किसी से फोन कर मदद मांग रहे तो कोई फेसबुक पर मैसेज कर मदद मांग रहा। सरैयाहाट के केंदुआ के रहनेवाले नितेश मिश्रा ने दुमका की उपायुक्त राजेश्वरी बी से फेसबुक के माध्यम से मदद मांगी।
नितेश ने डीसी को बताया कि लॉकडाउन के चलते वह अपने घर नहीं पहुंच सके हैं। वे इस समय परदेश में हैं। घर में कोई अनाज लानेवाला नहीं है। उनका राशन कार्ड उनके पिताजी के पास है जिसकी वजह से उनके परिवार को राशन भी नहीं मिल पा रहा है। परिजनों के समक्ष खाने पीने की समस्याएं आ रही है। यह मैसेज आते ही उपायुक्त गंभीर हो गईं और तत्काल इसे संज्ञान में लेते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया।

जांच में यह बात सामने आई कि नितेश की पत्नी व बच्चों का नाम राशन कार्ड में है। राशन कार्ड में नाम होने की जानकारी होते ही सरकार की आपातकालीन व्यवस्था के तहत परिवार को दो महीने का राशन उनके घर पर उपलब्ध करा दिया गया। प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी अजित कुमार सिंह खुद गए और नीतेश की पत्नी गुंजन मिश्रा को अनाज का बोरा दिया। इतना ही नहीं परिजनों से कहा कि कोई समस्या आए तो हमारे नंबर पर फोन करें, प्रशासन आपके साथ है।
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