3 बच्चों को कंधे पर बैठाकर लाए, बोले, फैक्टरी बंद होने पर दिल्ली में कितने दिन रुक पाते...

दिल्ली से अपने तीन बच्चों व पति के साथ शहर आई महिला से उसका हालचात पूछने पर वह रोने लगी। कहने लगी साहब किसी तरह दिल्ली से कानपुर आए। तेज धूप और खाना-पीना न होने से हालत खराब हो रही है। एक बार घर पहुंच जाएं तो राहत मिले।
जालौन के गांधीनगर निवासी इंद्रपाल ने बताया अपनी पत्नी शीला व बेटी खुशी (4), प्रीती (3) व छह माह के शिवम के साथ दिल्ली में मेहनत मजदूरी करते हैं। बताया कोरोना के चलते लॉकडाउन हो गया। जिसके कारण फैक्टरी मालिकों ने उन्हें घर जाने को कह दिया। रविवार को दिल्ली से बस से कानपुर आ गए। लेकिन कानपुर में जब कोई साधन नहीं मिला तो उसके साथ अन्य मजदूर नौबस्ता तक पैदल गए। वहां एक ट्रक हमीरपुर की ओर आ रहा था।
उसी में वह लोग सवार हो गए। 

लेकिन कानपुर सागर हाईवे पर दुर्गामोड़ के पास पुलिस ने बैरियर पर ट्रक को रोक लिया। उसके साथ अन्य लोगों को उतार लिया। फिर कोई साधन नहीं मिलने पर वह पैदल ही निकल पड़े। इंद्रपाल ने दो बच्चों को कंधे पर बैठाया और उसकी पत्नी ने एक को गोद में लिया। यहां पहुंचने पर महिला ने कहा साहब किसी ने भी रास्ते में खाना भी नहीं खिलाया। बच्चों को बिस्कुट व नमकीन दुकान से लेकर खिलाया है। यदि कोई साधन मिल जाए तो कुछ राहत मिलेगी। अभी भी 100 किमी यात्रा कर कोच पहुंचना है।
Loading...