कोरोना के डर से घर के बजाय खेत में रहते हैं ये 3 लड़के, जानिए क्या है इसका वजह...

खरगोन के ग्राम रायबिड़पुरा के तीन युवा जो वर्षो पहले काम धंधे की तलाश में अपने परिवार को लेकर बाहर चले गए। अब कोरोना वायरस की दस्तक हुई तो गांव लौटे। वर्तमान हालातों को समझते हुए युवाओं ने गांव से खुद को दूर रखा और एक खलिहान में आयसोलेट हो गए हैं। युवाओं का मानना है कि यदि हम संक्रमित है और गांव में जाएंगे तो वहां भी समस्या पैदा होगी, लिहाजा उन्होंने खुद का ठिकाना खलिहान को बना लिया है। 
रायबिड़पुरा के संतोष साईखेडिय़ा, मनीष ठोमरिया, संतोष मंडलोई रविवार को गांव पहुंचे। तीनों घर नहीं गए और खुद को ग्रामीणों से दूर रखा। वो जानते हैं कि कहीं हम हमारे अपनों को ही संक्रमित न कर दें। हालांकि तीनों को सर्दी, खंासी या कोरोना जैसे कोई लक्षण नहीं है, मगर फिर कम से कम 10 दिनों वह तीनों अपनों से खुद को दूर रखने में सबकी भलाई मानते हैं।

किसी ने नहीं रोका प्रवेश, खुद लिया निर्णय

युवकों ने बताया गांव या परिवार वालों ने इनको गांव में प्रवेश से नहीं रोका। लेकिन एहतियातन उन तीनों ने अपने आपको एकांत में रखा है, ताकि परिवार व ग्रामीण सुरक्षित रह सके। इन युवाओं ने अपने परिवारों को पहले ही गांव में भेज दिया था।

वहीं करते हैं भोजन, सोते भी वहीं है

युवकों ने बताया वह अभी खलिहान में ही सोते और वहीं भोजन करते हैं। युवाओं ने जनता से भी आग्रह किया है कि वह जागरूकता दिखाएं। यदि बाहर से आए हैं तो परिवार व बस्ती से दूर रहें। खुद को आयसोलेट करें, तभी हम कोरोना जैसी महामारी से लडऩे में कामयाब होंगे।
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