निर्भया के दरिंदों के बाद अब इन बहनों को हो सकती है फांसी, 42 लड़कों की…!

महाराष्ट्र केे कोल्हापुर की रहने वाली दोनों बहनें करीब 42 लड़कों की हत्या का जुर्म कबूल कर चुकी हैं। 1996 में यह घटनाक्रम सामने आया था। दोनों बहनों को सुप्रीम कोर्ट फांसी की सजा सुना चुका है। दोनों की ओर से राष्ट्रपति के पास लगाई गई दया याचिका को भी राष्ट्रपति खारिज कर चुके हैं।
निर्भया के दरिंदों को फांसी दिए जाने के बाद अब ये कयास लगाए जा रहे हैं कि कोल्हापुर की इन दोनों बहनों को फांसी हो सकती है। यदि दोनों को फांसी हो जाती है तो देश के स्वतंत्रता के बाद के इतिहास में फांसी दी जाने वाली ये पहली महिलाएं होंगी। दोनों के नाम सीमा गावित व रेणुका गावित हैं।

ये है पूरा मामला

उनकी मां अंजनाबाई इस पूरे मामले की सूत्रधार थी। पत्थर दिल इन मां बेटी ने पहले तो लड़कों को भगाकर लाया उनसे भीख मंगवाई और फिर उनकी हत्या कर दी। उन्होंंने 42 लड़कों की हत्या करने का गुनाह कबूल किया है। हालांकि कोर्ट में सिर्फ 9 मामले ही सिद्ध हो सके।

अंजनाबाई ने लड़के भगाकर लाने की शुरुआत की। उसके बाद उसने इस प्रकरण में दोनों का शामिल किया। तीनों इन लड़कों से पॉकिटमारी व चोरी से अपराध भी करवाती थीं। मामला प्रकाश में आने केे एक साल बाद ही अंजनाबाई की मौत हो गई। इसके बाद दोनों बहनों पर कुछ साल मुकदमा चला।
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