कोरोना से लड़ने को भारतीय रेल को किया गया तैयार : ट्रेन की बोगियों को बनाया गया आइसोलेशन वार्ड...

इस समय पूरी दुनिया कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ रही है। इस संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए पूरे देश में 21 दिन का लॉकडाउन है। इस बीच भारतीय रेलवे ने सराहनीय कदम उठाया है। महामारी से लड़ने के लिए रेलवे ने एक कोच में आइसोलेशन केबिन तैयार किया है। इस संबंध में भारतीय रेलवे ने कहा है कि फिलहाल एक प्रोटोटाइप को आइसोलेशन वार्ड में बदला गया है। अगर इसे अंतिम रूप दिया जाता है तो रेलवे योजना बना रहा है कि हर जोन में हर हफ्ते 10 कोच को आइसोलेशन वार्ड में बदला जाए।
रेलवे ने एक कंपार्टमेंट में मौजूद रहने वाली कुल 8 सीटों में से 6 सीटों को निकाल दिया है। आइसोलेशन वॉर्ड के लिए बोगियों के एक कंपार्टमेंट में केवल दो सीट ही रखी गई है। इसके तहत मरीज के लिए केबिन तैयार करने के लिए एक तरफ से मिडिल बर्थ हटा दिया गया। वहीं मरीज के बर्थ के सामने की सभी तीनों बर्थों को हटाया दिया गया है। बर्थ पर चढ़ने के लिए लगाई गईं सीढ़ियों को भी हटाया गया है। आइसोलेशन कोच तैयार करने के लिए बाथरूम, गलियारे और दूसरी जगहों पर भी बदलाव किया गया है। रेलवे ने बोगियों में बनाए गए आइसोलेशन वॉर्ड के साथ ही मरीजों के लिए साफ-सुथरे टॉयलेट का भी प्रबंध किया है। टॉयलेट में नए नल के अलावा बाल्टी भी रखी गई है।

कुछ दिनों पहले भारतीय रेलवे ने घोषणा की थी कि कोरोना वायरस के मामले बढ़ने पर वह ट्रेन के कोच में आइसोलेशन केबिन तैयार करेगा। अब रेलवे ने इसे अमली जामा पहना दिया है। रेलवे कोरोना से संक्रमित मरीजों को इन आइसोलेशन कोच में रखेगा। इन ट्रेन कोचों में डॉक्‍टर्स और नर्स के लिए केबिन, मरीजों के लिए केबिन और चिकित्‍सा उपकरण व दवाओं को रखने के लिए अलग- अलग केबिन बनाए गए हैं। कोच में हर केबिन को कवर करने के लिए विशेष प्रकार के पर्दे लगाए गए हैं। ट्रेनों को सेनेटाइज करने के बाद उसके एक-एक कोच को एक वार्ड के रूप में इस्तेमाल करने पर विचार किया जा रहा है। आने वाले दिनों में मरीजों की संख्या बढ़ने की आशंका को देखते हुए इस तरह की तैयारियाँ की जा रही है ताकि बाद में संक्रमण बढ़ने पर पीड़ितों को ट्रेनों के आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया जा सके।
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