भाई के शव को झारखण्ड लेकर जा रहे युवकों की कार पलट गई, तीन घायलों का इलाज कराने के बाद पुलिस ने छोड़ा सड़क पर...

पुणे से एम्बुलेंस में मौसेरे भाई के शव को लेकर दोस्त और रिश्तेदारों के साथ गिरिडीह झारखण्ड जा रहे युवक की कार हादसे का शिकार हो गई। इंदौर-भोपाल स्टेट हाइवे पर जावर थाना क्षेत्र के डोडी में हुए सड़क हादसे में घायल तीन युवक घायल हुए हैं। पुलिस ने घायल युवकों को अस्पताल पहुंचाकर इलाज तो करा दिया है, लेकिन उनके झारखण्ड भेजने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। युवक शनिवार से मदद के लिए इधर-उधर भट रहे हैं, लेकिन अभी कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
झारखण्ड निवासी विकास कुमार सिंह पिता भूवनेश्वरसिंह ने बताया कि 27 मार्च को पुणे में एक सड़क हादसे के दौरान उसकी मौसी के बेटा पंकज कुमार की मौत हो गई। शनिवार को अपने दोस्त और रिश्तेदारों के साथ मिलकर विकास एम्बुलेंस से पंकज कुमार के शव को लेकर झारखण्ड के गिरिडीह जा रहे थे। एम्बुलेंस आगे चल रही थी और उसके पीछे विकास की कार दौड़ रही थी, सीहोर जिले की सीमा में इंदौर-भोपाल स्टेट हाइवे पर जावर थाना क्षेत्र में डोडी के पास सुबह 9.30 बजे एम्बुलेंस तो निकल गई, लेकिन कार क्रमांक एमएच 04 एचएक्स 1943 के सामने एक श्वान आ गया।
श्वान को बचाने के चक्कर में कार का संतुलन बिगड़ गया और कार दो पलटी खा गई। हादसे में कार सवार सात युवकों में से विकास कुमार और उसके दो रिश्तेदार, दोस्त दिनेश त्रिपाठी, यशवंत कुमार सिंह पिता रामप्रसाद सिंह गुमोबरवाडीह कोडरमा घायल हो गई। हादसे के तत्काल बाद आष्टा थाना पुलिस युवकों को 108 एम्बुलेंस से सिविल अस्पताल आष्टा लेकर आई, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद पुलिस ने युवकों को छोड़ दिया। अब दो दिन से युवक पुलिस और अफसरों के समक्ष झारखण्ड जाने के लिए मदद मांग रहे हैं, लेकिन लॉकडाउन को लेकर कोई व्यवस्था नहीं हो सकी है। युवकों ने बताया कि एम्बुलेंस झारखण्ड पहुंच गई है, गांव में मौसेरे भाई पंकज कुमार के शव का अंतिम संस्कार हो रहा है और सीहोर के आष्टा नगर में फंसे हुए हैं।
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