बेटे की मौत का गम भुलाकर कोरोना से जंग में उतर गया है पूरा परिवार, तेरहवीं पर बांटेगा मुफ्त मास्क!

पूरे देश में इस समय कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन की स्थिति हैं। ऐसे में दिहाड़ी पर काम करने वाले की स्थिति काफी खराब है। सब कुछ बंद हो जाने के कारण लोग परेशान है उनके पास खाने के लिए भी पैसे नहीं हैं ऐसे में लोग अपने गांवों की ओर पैदल ही पलायन कर रहे हैं। सरकार पूरी कोशिश कर रही हैं कि किसी इंसान को भूखा न सोना पड़े। सरकार हर मुमकिन प्रयास कर रही हैं। वहीं इस कठिन समय में खुद की मुश्किलों को भुला कर दूसरों की सेवा कैसे की जाए ये सिखाया है कुल्लू के एक परिवार ने। 
जो अपने 25 साल के बेटे के मौत के सदमे से जूझ रहा है फिर भी बंजार उपमंडल में खुंदन गांव में रहने वाला यह परिवार लोगों की मदद को आगे आया। जानकारी के मुताबिक पर्यावरणविद एवं हिमालय नीति अभियान के संयोजक गुमान सिंह और उनकी पत्नी समाज सेविका हरा देवी रविवार को अपने बेटे रोबिन की तेरहवीं की रस्म, भोज इत्यादि करने के बजाय कोरोना के खिलाफ जंग लड़कर निभाएंगे। जिनके बेटे की मौत 12 दिन पहले ही हुई है।

जाहिर है, संवेदना जताने के लिए रिश्तेदारों और गांव वालों की भीड़ जुटनी थी और सामूहिक भोज भी होता। लेकिन इन्होंने देश पर कोरोना वायरस के संकट के मद्देनजर परंपरागत रस्मों और रिवाजों को नया मोड़ दे दिया। गुमान सिंह व हरा देवी के घर न कोई भीड़ जुटेगी और न कार्यक्रम होगा। उन्होंने ये फैसला लिया कि तेरहवीं पर जो खर्च आना था, उसी से मास्क बनवाएंगे और 2000 लोगों को मुफ्त बांटेंगे।
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