लंदन से लौटे लड़के ने बताया, "एयरपोर्ट चेकिंग से बचने के लिए लोगों ने लैंडिंग से पहले पैरासिटामॉल खाई"

अखिल एनामसेट्टी. 24 साल के हैं. तेलंगाना के वारंगल के रहने वाले हैं. यूनाइटेड किंगडम की यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग से वकालात की पढ़ाई कर रहे हैं. 13 मार्च को ही लंदन से भारत लौटे हैं. कोविड-19 के संदिग्ध होने के चलते इस वक्त गांधी अस्पताल में क्वारंटीन हैं. उनका कहना है कि लंदन से उनके साथ भारत लौटने वाले बहुत से लोगों ने लैंडिंग से कुछ देर पहले पैरासिटामॉल खाई थी, ताकि शरीर का टेंपरेचर कम हो जाए और एयरपोर्ट पर हो रही थर्मल स्क्रीनिंग से वो बच सकें.
TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, अखिल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर इस बात की जानकारी दी. उन्होंने लिखा, ‘लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट से मेरी फ्लाइट थी. मेरी फ्लाइट में ज्यादातर UK की अलग-अलग यूनिवर्सिटीज़ में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स थे. यही वो लोग हैं, जिन्होंने लैंडिंग के करीब एक घंटे पहले पैरासिटामॉल दवा ली, ताकि शरीर का टेंपरेचर थोड़ा कम हो जाए और इंडियन एयरपोर्ट्स पर हो रही थर्मल स्क्रीनिंग से वो बच जाएं. मैं गांधी अस्पताल के आइसोलेटेड वार्ड में एडमिट हूं. मेरे कॉन्टैक्ट में आया कोई भी व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव नहीं निकला, क्योंकि मैंने सारी सावधानियां बरती थीं.’

अखिल ने बताया कि पैरासिटामॉल लेने वाले 10 लोगों को वो जानते हैं. ये भी बताया कि फ्लाइट में जब सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म्स दिए गए, तो कुछ लोगों ने उनमें झूठ भर दिया था, केवल क्वारंटीन से बचने के लिए. आगे कहा,

‘ये वो लोग हैं जो इस वक्त अपने परिवार और दोस्तों के साथ हैं. या फिर हो सकता है कि आपके बगल में हों.’ अखिल ने बताया कि जब वो लंदन से आए, तो एयरपोर्ट पर उनकी स्क्रीनिंग हुई. उन्हें फीवर नहीं था, लेकिन गले में दिक्कत थी, इसी वजह से उन्हें क्वारंटीन किया गया है.
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