"4 समोसा भिजवा दो" पुलिस को फोन करके कहा...और फिर हुआ ये हाल...

एक व्यक्ति ने पुलिस कण्ट्रोल रूम में अनावश्यक कॉल कर के चार समोसे भिजवाने की माँग की। लेकिन वो शायद यह बात भूल गया था कि यह उत्तर प्रदेश पुलिस है! 21 दिन के लॉकडाउन के दौरान पुलिस और प्रशासन किस तत्परता से लोगों की मदद के लिए हर समय तैयार हैं, यह हम सोशल मीडिया और समाचारों में निरंतर देख और सुन रहे हैं। लेकिन महामारी के समय भी कुछ लोग अपनी हरकतों से बाज नहीं आते हैं और बिना किसी बात की परवाह किए अपने पागलपन का उदाहरण देते नजर आते हैं।
ऐसा ही एक वाकया आज ट्विटर पर रामपुर, उत्तर प्रदेश के डीएम ने शेयर किया है। दरअसल, एक व्यक्ति ने पुलिस कण्ट्रोल रूम में अनावश्यक कॉल कर के पुलिस को बुलाकर चार समोसे भिजवाने की माँग की। लेकिन शायद वो यह बात भूल गया कि यह उत्तर प्रदेश पुलिस है। रामपुर के डीएम ने ट्वीट करते हुए लिखा है- “4 समोसा भिजवा दो… चेतावनी के बाद आखिर भिजवाना ही पड़ा। अनावश्यक माँग कर कंट्रोल रूम को परेशान करने वाले व्यक्ति से सामाजिक कार्य के तहत नाली सफाई का कार्य कराया गया।”
पुलिस ने कॉल कर रहे शख्स को समोसे तो दी ही लेकिन इसके बदले में उससे सामाजिक कार्य के तहत नाली साफ़ करवाई गई। ताकि कम से कम उसे आगे से इस बात का ध्यान रहे कि उसे पुलिस कण्ट्रोल रूम में अनावश्यक रूप से कॉल नहीं करना है – कम से कम चार समोसे मँगवाने के लिए तो फोन नहीं ही करना है 🙂 उल्लेखनीय है कि देश में कोरोना वायरस के प्रकोप से बचाव के लेकर 21 दिन तक चलने वाले लॉकडाउन का सबसे अधिक असर गरीबों और बेसहारा लोगों पर पड़ा है। ऐसे में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात पुलिस का मानवीय चेहरा सबके सामने आया है। 

पुलिस सिर्फ गरीबों के लिए खाना ही उपलब्ध नहीं करवा रही है बल्कि व्हाट्सएप पर जरुरतमंदों को दवाई और राशन भी उपलब्ध करवा रही है। कानून व्यवस्था का ध्यान रखने के साथ-साथ पुलिस बेसहारा लोगों की मदद को भी सामने आई है और गरीबों को भोजन और सूखा राशन उपलब्ध करा रही है। ऐसे में कुछ शरारती तत्व अगर पुलिस कण्ट्रोल रूम फोन कर के चार समोसे मँगवाता है तो शायद उसके लिए नाले साफ़ करवाने से बेहतर कोई सजा नहीं हो सकती है।
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