रीढ़ की हड्डी टूटी, गहरे घाव, कीड़े पड़े, फिर भी नहीं किया पूनम का इलाज…. वजह जानकर रह जाओगे दंग

अस्पताल प्रशासन की लापरवाही यह है कि महिला की रीढ़ की हड्डी टूटी है। गहरे घाव। घाव में मवाद के कारण कीड़े तक पड़ गए है। अस्पताल प्रशासन ने उसे लावारिस मानकर उसे डिस्चार्ज कर अपना घर आश्रम में भेज दिया। यहां अपनाघर आश्रम की नर्सिंग टीम ने उसका उपचार किया। बीस वर्षीय महिला पूनम राजपूत ने बताया कि कोटा में श्रीराम नगर निवासी उसके चाचा ससुर उसे तीन दिन पूर्व एमबीएस अस्पताल में भर्ती कर चले गए। उसके पति भूपेन्द्र सिंह गांव में ठेकेदारी का काम करते है। ससुराल में ससुर दिलीप सिंह शराब के आदि है।
वह आए दिन उसे तंग करता है। पिछले दिनों वह तीन बार शराब के नशे में कमरे में घुस गया। गांववासियों को इस विषय में पता नहीं चले। इसके चलते उसके सुसर दिलीप सिंह व दादी सास प्रेमकंवर ने मिलकर उसे तीन माह पहले घर की छत से फेंक दिया। नीचे गिरने से उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई। उसका अहमदाबाद में इलाज चला। थाने में ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ शिकायत दी, मगर पुलिस ने समझौता करवा दिया।

उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। पति उसे जयपुर पीहर छोड़कर चला गया। उसका उपचार नहीं होने से शरीर में गहरे घाव हो गए। हालात यह हो गई कि घाव में मवाद से कीड़े तक पड़ गए। कोटा में श्रीराम नगर निवासी उसके चाचा ससुर को पता चली तो उन्होंने गाड़ी भिजवाकर उसे तीन दिन पूर्व एमबीएस अस्पताल में भर्ती करवाकर उसे छोड़कर चले गए। लावारिस मानकर हॉस्पिटल ने भी उसका उपचार नहीं किया। शुक्रवार दोपहर को सूचना पर उसे अपनाघर आश्रम लेकर आई। 

यहां नर्सिंग स्टाफ ने उसके घावों को साफ कर मरहम पट्टी की। उसे एयर बैग पर रखा। उधर, अपना घर आश्रम टीम ने उसके चाचा ससुर को फोन कर बताया तो उन्होंने कहा कि मानवता के नाते पूनम को कोटा लाकर एमबीएस अस्पताल में भर्ती करवा दिया। वह स्वयं हार्ट के मरीज है। उसका इलाज नहीं करवा सकते है। पूनम ने बताया कि उसके पिता नहीं है। मां है, मगर मानसिक रोगी है। भाई शराब का आदि है। इसके चलते उसका इलाज नहीं हुआ। परिजनों ने उसकी पांच वर्ष पहले शादी कर दी थी।
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