चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले शातिर मां और बेटे गिरफ्तार, लाखों का सामान बरामद

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. पुलिस ने चोरी की 4 घटनाओं को अंजाम देने वाले मां-बेटे और दो खरीददारों को गिरफ्तार कर लिया है. पकड़े गए आरोपियों के पास से सोने-चांदी के आभूषण, मोबाइल, मोटरसाइकल समेत करीब 6 लाख का सामान बरामद हुआ है. सरकंडा क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी को लेकर थाना प्रभारी शनिप कुमार आरोपियों की तलाश कर रहे थे, इसी दौरान उन्हें मुखबिर से सूचना मिली कि मोपका में रहने वाला दीपक डहरिया और उसकी मां चंपाबाई कुछ सोने चांदी के जेवर बेचने के लिए ग्राहक तलाश कर रहे हैं. 
इस मामले में संदेह होने पर पुलिस ने दीपक और उसकी मां चंपाबाई को थाने बुलाकर पूछताछ की. पुलिस पूछताछ में दोनों टूट गए और उन्होंने बताया कि 20 अक्टूबर 2019 को अपने ही घर के पास कॉलोनी में रहने वाले गीता शर्मा के मोपका रोड स्थित मकान में उन्होंने चोरी की थी. आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि गीता शर्मा का मकान तीन-चार दिनों से बंद था, और पिछले कुछ दिनों से दीपक डहरिया मोटरसाइकिल खरीदना चाह रहा था. सूने मकान को देखकर उनकी नीयत डोल गई और दीपक ने ताला तोड़कर मकान में प्रवेश किया और सोने चांदी के जेवरात चोरी कर अपनी मां को दे दिए. 

जब इस मामले में काफी दिनों तक कोई पुलिस कार्रवाई नहीं हुई तो दोनों के हौसले बढ़ गए और उन्होंने एक बार फिर 20 नवंबर 2019 को उसी मकान में दोबारा चोरी की घटना को अंजाम दिया. इस वारदात के बाद पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई, जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया. आरोपियों के पास से चोरी की रकम से खरीदे गए मोटरसाइकिल और 6000 रु के अलावा बड़ी संख्या में सोने चांदी के जेवर बरामद हुए हैं. इस मामले में दोनों मुख्य आरोपी के अलावा खरीददारों अशोक सूर्यवंशी और संत कुमार टंडन को भी गिरफ्तार कर लिया गया है.
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