"हैलो... मुझे कोरोना हो गया, अस्पताल जाना है" बुखार, सर्दी, खांसी पीड़ित भी कर रहे हैं फोन

हैलो... 108 सेवा से बोल रहे हैं, मुझे कोरोना हो गया है। अस्पताल जाना है। प्लीज ऐंबुलेंस भेज दीजिए। ऐंबुलेंस सेवा का संचालन करने वाली एजेंसी जीवीके ईएमआरआई के आशियाना स्थित कार्यालय में रोज ऐसे कई फोन आ रहे हैं। जानकारी के अभाव में लोग कोरोना को लेकर जारी किया गया सरकारी हेल्पलाइन नंबर मिलाने की जगह 108, 102 मिलाकर मदद मांग रहे हैं। हालांकि उन्हें हेल्पलाइन नंबर बताकर वहां संपर्क करने की सलाह दी जा रही है।
जीवीके ईएमआरआई के मीडिया प्रभारी सुनील यादव के अनुसार बुखार-खांसी पीड़ित भी दहशत में आकर कोरोना की जांच के लिए फोन करके ऐंबुलेंस भेजने की मांग कर रहे हैं। कार्यालय में रोज हजारों फोन आ रहे हैं। ऐसे में फोन करने वालों को हेल्पलाइन नंबर बताकर वहां कॉल करने की सलाह दी जाती है। इसके बाद डॉक्टर जरूरत समझने पर ऐंबुलेंस भेजते हैं।

हर जिले में कोरोना के लिए ऐंबुलेंस आरक्षित

सुनील यादव के अनुसार कोरोना का पहला केस आने से अब तक हर जिले में वायरस की चपेट में आने वालों के लिए अलग ऐंबुलेंस आरक्षित की गई हैं। राजधानी में 11 ऐंबुलेंस तैनात की गई हैं। 22 मार्च तक के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में 265 एम्बुलेंस आरक्षित की गई थीं। इनकी मदद से 800 संदिग्धों को अस्पताल पहुंचाया गया। ऐंबुलेंस के ड्राइवर और इमरजेंसी मेडिकल टेक्निशयन को मास्क और पीपीई किट उपलब्ध करवाई गई है।
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