लॉकडाउन : सड़क किनारे खाना बनाकर जीवन गुजार रहे हैं ये पेंटर दंपती!

कोरोना वायरस को थामने के लिए देशभर में किया गया लॉकडाउन मथुरा में फंसे उड़ीसा के पेंटर दंपती के परिवार के लिए समस्या बन गया है। गुरु सेवा और अष्टयाम सेवा महोत्सव में शामिल होने आया परिवार सड़क किनारे खाना बनाकर जीवन गुजारने को मजबूर है। पति लकड़ियां बीनकर लाता है और पत्नी ईंटों का चूल्हा बनाकर खाना पकाती है। दो छोटे बच्चे भी उनके साथ हैं।
उड़ीसा निवासी परमानंद 11 मार्च को पत्नी प्रमोबिन, नौ वर्षीय बेटी साईं संगीता और सात वर्षीय बेटा साईं सत्यप्रकाश के साथ अपने पारिवारिक गुरु श्रीराम शर्मा आचार्य के मथुरा-वृंदावन रोड स्थित गायत्री तपोभूमि में आए थे। 12 मार्च से वृंदावन के जुगलघाट पर चल रहे अष्टयाम सेवा महोत्सव में शामिल हुए। दस दिन वहां रहने के बाद 23 मार्च को वापस जाने के लिए निकले तो ट्रेनें बंद होने की जानकारी मिली।

यहां धौलीप्याऊ स्थित एक मकान के बरामदे में शरण ली। वहीं चारों लोग रात काट रहे हैं। बृहस्पतिवार की दोपहर मथुरा जंक्शन के तृतीय प्रवेश द्वार के निकट रेलवे इंस्टीट्यूट ग्राउंड के बाहर सड़क किनारे प्रमोबिन ने ईंटों का चूल्हा बनाया और परमानंद लकड़ियां बीन कर लाए। आरओ वाटर से खाना तैयार किया गया। परमानंद ने बताया कि वह भक्ति करने आए हैं। जब तक प्रभु की इच्छा है ऐस्त्रत्त्से ही जीवन व्यतीत होगा। ईश्वर जल्द ही देश को कोरोना वायरस से मुक्ति दिलाएंगे।
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