एक दिन पति से बोली पत्नी, 'अब सहा नहीं जाता..' और इतना कहकर रो पड़ी वो..

इस लेडी नक्सली का खौफ दूर-दूर तक देखा जाता था, लेकिन ये नक्सली साथियों की प्रताड़ना का शिकार थी। उसके साथ अच्छा बर्ताव नहीं किया जाता था। क्षेत्रवाद का असर नक्सलियों में भी है। इस लेडी नक्सली के मुताबिक, नक्सली संगठन के बड़े लीडर, जो आंध्र प्रदेश से जुड़ हैं, वे बाकियों से भेदभाव करते हैं। यह उससे सहन नहीं होता था। एक दिन उसने अपने पति के साथ मिलकर सरेंडर करने की ठानी। फिर चुपके से दोनों अपने कैम्प से निकले और सरेंडर कर दिया। इस लेडी नक्सली के सिर पर 5 लाख रुपए का इनाम था। पुलिस इसे ढूंढ रही थी। 

यह सुनाई आपबीती..
मड़कम कमली नक्सलियों में प्लाटून नंबर-24 सेक्शन में बी की सदस्य थी। वहीं उसका पति करटामी बादल डिप्टी कमांडर था। एसपी शलभ सिन्हा और सीआरपीएफ 226 अधिकारियों के समक्ष इन दोनों के अलावा कुछ अन्य नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।  मड़कम कमली ने बताया कि वो अपने साथ होने वाले भेदभाव से दुखी थी। कई बार तो उसे रोना तक आ जाता था। इसी वजह से उसने सरेंडर कर दिया। 

यह है सुकमा जिले के गादीरास थानाक्षेत्र के मानकापाल की रहने वाली देवे सोढ़ी। इसने पिछले दिनों सरेंडर किया था। इस पर 4 लाख रुपए का इनाम था। यह लेडी नक्सली की दंतेवाड़ा जिले के कटेकल्याण के मारजूम में हुई फायरिंग व मथली, चिकपाल, करकम में हुई मुठभेड़ में शामिल रही थी। इस पर दो लोगों की हत्या का इल्जाम भी है। देवी ने बताया कि वो नक्सली जीवन से तंग आ गई थी। उसे कैम्प में प्रताड़ित किया जाता था।
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