लॉकडाउन : बेटी और दामाद से विवाद के बाद घर से निकली भूखी-प्यासी वृद्धा को पुलिस ने भोजन करवाकर पहुंचाया वृद्धाश्रम

कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए जहां दिनभर राजधानी की सड़कों पर पुलिसकर्मियों को डयूटी करते देखा जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ एक बार फिर राजधानी पुलिस का मानवीय चेहरा सामने आया है। बेटी-दामाद ेंके मारपीट करने से आहत होकर घर छोड़कर आयी वृद्धा की पुलिस ने मदद की।
निशातपुरा थाने के एएसआई संतराम खन्ना ने बताया कि सोमवार दोपहर करीब तीन बजे छोला इलाके में पुलिस को एक 80 वर्षीय वृद्धा सड़क पर परेशान हालत में भटकती दिखी। पुलिसकर्मियों द्वारा उनसे घरवालों के बारे में पूछा गया तो वह ठीक से नहीं बता पा रही थी। काफी प्रयास करने के बाद उन्होंने पुलिस को बताया कि लक्ष्मी नगर में रहने वाली बेटी-दामाद 10 दिन पहले उन्हें खंडवा से अपने साथ भोपाल लेकर आए थे। लेकिन अब बेटी-दामाद ने उनसे मारपीट कर जेवरात छुड़ाकर घर से निकाल दिया। काफी तलाश करने के बाद भी वृद्धा के परिजनों का पता नहीं चला, तो उन्हें निशातपुरा पुलिस को सौंप दिया गया। 

एएसआई संतराम खन्ना का कहना है कि वृद्धा मूलत: खंडवा की रहने वाली है और उनके पति भी पुलिस विभाग से रिटायर्ड हैं, जिनका की देहांत हो चुका है। वह काफी भूखी थी, पुलिस ने उन्हें भोजन करवाया और उनसे परिजनों के पास पहुंचाने की बात की। वृद्धा ने पुलिस से कहा कि वह अब अपने बेटी-दामाद के पास नहीं रहना चाहती और खण्डवा में रहने वाले अपने बेटे-बहू का पता भी स्पष्ट नहीं बता पा रही थी। जिस कारण पुलिस ने उनके शाम के भोजन का प्रबंध कर उन्हें शाहजहंानाबाद स्थित वृद्धा आश्रम पहुंचा दिया। पुलिस अब वृद्धा के परिजनों की तलाश कर रही है।
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