बिहार : इस आदमी के साथ रातभर जो हुआ जानकर रोंगटे खड़े हो जाएंगे आपके! जानिए

पीपुल फ्रेंडली पुलिसिंग का नारा देने वाली पुलिस का अमानवीय चेहरा देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गये। चेरो ओपी की पुलिस ने एक युवक को थाने में नग्न कर रातभर पीटा। बेहोश होने पर उसे पानी पिलाकर होश में लाया जाता था। फिर धुनाई की जाती थी। पीड़ित के जख्म देखकर आमलोगों के साथ पुलिस के वरीय अधिकारी भी हैरान रह गये। उसका कसूर सिर्फ इतना था कि उसका एक दबंग से भूमि विवाद चल रहा था। उसी दबंग के इशारे पर पुलिस ने अमानवीय कृत्य को अंजाम दिया।
जख्मी चेरो गांव निवासी संतोष कुमार गुप्ता का इलाज सदर अस्पताल में कराया जा रहा है। उसने पुलिस के वरीय अधिकारियों से सोमवार को घटना की शिकायत की है। शिकायत के बाद सदर डीएसपी इमरान परवेज ने मामले की जांच की। कहा कि आरोप सच है। निश्चित रूप से दोषियों पर कार्रवाई होगी। संतोष का आरोप है कि पड़ोसी दबंग से उसका भूमि विवाद चल रहा है। उसी से रुपये लेकर दारोगा पवन कुमार ने उन्हें घर से उठाया और लॉकअप में बंद कर पिटाई की। सूचना पर उनके रिश्तेदार थाना पहुंचे तो उन्हें भद्दी-भद्दी गालियां दीं। इस घटना ने एक बार फिर नालंदा पुलिस को दागदार कर दिया है।

संतोष ने बताया कि पड़ोसी से छज्जा निकालने व नाली को लेकर विवाद चल रहा है। उन्होंने इस मामले में सीओ को आवेदन देकर जांच की मांग की थी। रविवार को पुलिस ने संतोष को उनके घर से उठा लिया और थाने लेकर आयी। संतोष का आरोप है कि थाने के अंदर ही पड़ोसी दबंग बैठा था। उसके सामने ही दारोगा उसे बेरहमी से पीटने लगे। उन्होंने पुलिस पर रुपये लेने का भी आरोप लगाया है।

संतोष ने बताया कि इसके बाद पुलिस ने उसे हाजत में बंद कर दिया। उसे निर्वस्त्र कर रातभर पीटती रही। पिटाई से वह कई बार बेहोश हो गया। पुलिस पानी पिलाकर उसे होश में लाती और मारपीट करती। संतोष की रिश्तेदार आशा देवी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही वह थाने पहुंची। उसकी बात सुनते ही पुलिसवाले उसपर टूट पड़े। गालियां देते हुए उन्हें पकड़ने की कोशिश करने लगे। महिला भागकर किसी तरह सड़क पर पहुंची और अपनी जान बचायी। 

मारपीट के बाद पुलिस ने पीड़ित से एक सादे कागज पर साइन करवाया और धमकी देकर छोड़ दिया। उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया। उसके जख्म देखकर स्वास्थ्यकर्मियों के साथ ही आमलोगों के मुंह से उफ्फ निकल गये। उसके प्राइवेट पार्ट पर पिटाई से छाले पड़ गये थे। हाथ की उंगलियां सूजी हुई थीं। चेहरे पर बने जख्म पुलिस की करतूत का चीख-चीखकर बयान कर रहे थे। हाथ-पांव पूरी तरह से फूल गये हैं। 
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