लॉकडाउन के सख्‍त खिलाफ हैं ब्राजील के राष्‍ट्रपति, बोलें- "लोगों की जान की परवाह कम है लेकिन.."

कोरोना वायरस का कहर दुनियाभर में फैल चुका है। वही ब्राजील में कोरोना वायरस की चपेट में करीब 3904 लोग आ चुके है। अब तक 114 लोगों की मौत कोरोना वायरस की वजह से हो चुकी है। इसके बावजूद राष्‍ट्रपति जायर बोल्सोनारो देश में लॉकडाउन के सख्‍त खिलाफ हैं। उन्‍हें लोगों की जान की परवाह कम है लेकिन अर्थव्‍यवस्‍था में गिरावट का डर ज्‍यादा सता रहा है।
उन्‍होंने कहा है कि लोग उन्‍हें माफ करें, लेकिन कुछ लोग तो इससे मरेंगे ही।आपको बता दें कि कोरोना वायरस के लगातार बढ़ने के साथ-साथ राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो और स्टेट्स के गवर्नर्स के बीच की नाराजगी साफ नजर आने लगी है। आपको ये भी बता दें कि कुछ राज्‍यों ने अपने यहां पर लॉकडाउन का एलान कर दिया है। लेकिन वहीं दूसरी तरफ राष्‍ट्रपति लगातार लोगों को कह रहे हैं कि वो अपने काम पर लौटें क्‍योंकि लॉकडाउन से देश की अर्थव्‍यवस्‍था चौपट हो जाएगी।

दुनिया के कई देशों ने अपने यहां पर लॉकडाउन किया है। हालांकि इस मामले में बोल्‍सोनारो की सोच अमेरिका और पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से काफी मेल खा रही है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि इन दोनों ने भी अपने यहां पर लॉकडाउन करने से साफ इनकार कर दिया है। बता दें कि धीरे-धीरे कोरोना का असर यहां की अर्थव्‍यवस्‍था पर दिखाई देने लगा है। इस बीच राष्ट्रपति ने साफ कर दिया है कि चाहे कुछ भी हो जाए वह देश में लॉकडाउन नहीं करेंगे। उन्‍होंने यहां तक कहा कि कुछ लोग तो इससे मरेंगे ही, लेकिन उनके लिए अर्थव्‍यवस्‍था को बंद नहीं किया जा सकता है।

उन्होंने गवर्नर पर आरोप लगाया है कि मरने वालों की संख्या को बढ़ा-चढ़ाकर बताया जा रहा है। हालांकि इस बाबत उन्‍होंने किसी तरह का कोई सुबूत अपने बयान के समर्थन में पेश नहीं किया। गौरतलब है कि बोल्सोनारो और गवर्नर्स के बीच में काफी समय से विवाद चल रहा है। गौरतलब है कि ब्राजील में स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों की सलाह पर देश के 26 गवर्नर्स ने गैर-जरूरी कमर्शियल काम बंद कर दिए हैं। लेकिन इस पर भी राष्‍ट्रपति ने कहा कि यही जीवन है, लेकिन इसकी वजह से कार फैक्ट्री बंद नहीं की जा सकती हैं।
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