"ओ मां... मैं बहुत थक गया हूं, अब आगे नहीं चल पाऊंगा", मार्मिक तस्‍वीर देख पिघल गए दिल

इन दिनों पूरे देश में कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन के बाद से दिल्‍ली समेत देश के तमाम शहरों से दिहाड़ी मजदूरों की हालत खराब नजर आ रही है। लॉकडाउन के बाद से न तो इनके पास काम है और न पैसा। हर बड़े शहर में हजारों की संख्‍या में लोग अपना सामान और पत्‍नी बच्‍चों को लेकर पैदल ही सैकडों किलोमीटर दूर अपने गांव घर की ओर जाते नजर आ रहे हैं। इस स्थिति में लोगों का दुख और बेबसी दिखाती एक मां और उसके छोटे बच्‍चे की तस्‍वीर आज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। 
यह तस्‍वीर यूपी के गोरखपुर की है। शुक्रवार को गोरखपुर स्थित मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विवि MMMUT के पास सड़क पर ऐसे ही एक मां अपने बच्चे को लेकर बस्ती से देवरिया के लिए पैदल जाती नजर आ रही है। करीब 80 किलोमीटर का सफर पैदल तय कर गोरखपुर पहुंचे थे यह मां और बच्‍चा, लेकिन सफर अभी तो अभी और बाकी था, लेकिन बच्‍चे की हिम्‍मत जवाब दे गई और वो पस्‍त होकर बीच सड़क पर मां का पांव पकड़कर बैठ गया। वो बच्‍चा भले ही कुछ न बोला, लेकिन यह दृश्य बता रहा था, कि जैसे बच्‍चा कह रहा हो ओ मां मैं थक गया हूं, अब नहीं चल पाऊंगा। यह द्रश्‍य वाकई किसी के भी दिल को झकझोरने वाला है।

दैनिक जागरण आई नेक्‍स्‍ट समाचार पत्र में 28 मार्च को छपी यह मार्मिक तस्‍वीर
बता दें कि गोरखपुर में इस बेबस मां और उसके बच्‍चे की मार्मिक तस्‍वीर दैनिक जागरण आई नेक्‍स्‍ट समाचार पत्र के फोटो जर्नलिस्‍ट राजेश राय ने अपने कैमरे में उतारी है। 28 मार्च के अखबार में छपी इस तस्‍वीर को जिसने भी देखा, उसे शायद कुछ साल पहले की वो तस्वीर याद आ गई होगी। जिसमें लाल टी-शर्ट पहने एक बच्चे की लाश समुद्र के किनारे तैर रही थी। वो घटना और तस्वीर तुर्की की थी। इस्लामिक स्टेट के आतंकियों के कहर से बचने के लिए तमाम लोग नाव पर सवार होकर करीब के दूसरे देशों में शरण लेने के लिए जा रहे थे। उसी दौरान शरणार्थियों से भरी एक नाव डूब गई, यह बच्‍चा उसी नाव पर सवार था, जिसक शव बाद में समुद्र तट पर पाया गया। दोनों परिस्थियों में भले ही बड़ा अंतर हो, लेकिन इंसान की बेबसी का मंजर एक सा ही है।

फोटो वायरल होने पर गोरखपुर डीएम ने मां और बच्‍चे की तलाश शुरु करवाई

हालांकि गोरखपुर में Dainik Jagran inext में छपी इस मां और बच्‍चे की तस्वीर वायरल होने के बाद शहर के डीएम के विजयेंद्र पांडियन ने खुद मामले का संज्ञान लिया है। उस महिला व उसके बच्चे की तलाश शुरू की गई है। इस मामले में संबंधित ऑफिसर्स से पूछा गया कि बस्ती से देवरिया जा रही उस महिला को गोरखपुर में भोजन और ठहराव क्यों नहीं कराया गया? फिलहाल गोरखपुर जिला प्रशासन ने कहा है कि वो हर किसी की मदद के लिए पूरी तरह तैयार है।
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