कोरोना की दहशत में बढ़ने लग गए चमकी बुखार के भी मामले, बिहार में बच्चे की हुई मौत

बीमारियों के रूप में बिहार इस समय एक साथ तीन-तीन चनौतियों से लड़ रहा है। विश्वव्यापी महामारी घोषित हो चुकी कोरोना से राज्य में एक की मौत और नौ पॉजिटिव मरीज की पहचान हो चुकी है। एहतियातन पूरे राज्य में लॉकडाउन है। इसी बीच पटना और नालंदा में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो गई है। जिसके बाद सरकार ने चिह्नित स्थान के एक किलोमीटर के दायरे के सभी मुर्गी व बत्तख को दफनाने का आदेश दे दिया है। इन दो बीमारियों के साथ-साथ मुजफ्फरपुर, शिवहर, सीतामढ़ी के क्षेत्र में चमकी बुखार के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। गुरुवार को एक बच्चे की मौत चमकी बुखार से हो गई। 
मोतिहारी का लड़का, शिवहर में नाना के घर रहता था
मिली जानकारी के अनुसार शिवहर से एक बच्चे को एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर रेफर किया गया था। बच्चे को लेकर परिजन एंबुलेंस से अस्पताल जा ही रहे थे कि बीच रास्ते में बच्चे ने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए शव के पोस्टमार्टम के बाद विसरा सुरक्षित रख लिया गया है। डॉक्टर ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद सही कारण का पता चल सकेगा। बच्चा मोतिहारी के पकड़ीदयाल थाना क्षेत्र के फुलवार गांव के मनीष कुमार सिंह का बेटा अभिनव कुमार (4 वर्ष) था। फिलहाल वह अपने नाना के घर शिवहर जिले के लालगढ़ में रहता था। 

मृतक के नाना बृजकिशोर सिंह ने बताया कि बुधवार की रात 8 बजे अभिनव को 103 डिग्री बुखार था। देर रात उसने तीन उल्टी की। उसे कुछ दवा दी गई। लॉकडाउन के कारण रात में शिवहर अस्पताल ले जाने की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी। गुरुवार सुबह किसी तरह सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। शिवहर के डॉक्टर हालत गंभीर बताते हुए एसकेएमसीएच रेफर कर दिए। कांटी के पास एंबुलेंस से पहुंचने के दौरान बच्चे ने दम तोड़ दिया। एसकेएमसीएच पहुंचने पर डॉक्टरों ने भी बच्चे को मृत घोषित कर दिया। 

बच्चे की मौत की सूचना वरीय अधिकारियों से लेकर राज्य सरकार तक भेजी गई है। स्वास्थ्य मंत्री के पर्सनल सेक्रेटरी ने अधीक्षक से बीमारी के बारे में जानकारी ली है। दूसरी ओर बुधवार को मीनापुर के भटौलिया गांव के शेखर राजा के आठ वर्षीय पुत्र यश कुमार राणा, रक्सा गांव के राजीव रंजन की 4 वर्ष का उत्कर्ष आनंद, मुशहरी के राहुल सहनी का पुत्र चार वर्षीय निशांत कुमार और मोतिहारी के छठ्ठु सहनी की चार वर्षीय पुत्री सविता कुमारी है। सभी का आईसीयू में एडमिट कर इलाज किया जा रहा है। ऐसी स्थिति में बच्चों का खास ख्याल ररखने की जरूरत है। 
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