लॉकडाउन : ये गांव बन गया मिसाल, सीमा सील करके खुद ही ग्रामीण कर रहे हैं निगरानी!

कोरोना की महामारी से बचने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने २१ दिन का लॉकडाउन करने के बाद जब इस भयावह बीमारी के बारे में पता चला तो अब लोगों में खासी जागरुकता आ गई। शहर में भी बाहरी व्यक्ति दिखने पर या कोईबीमारी नजर आने पर हर दिन २० गोपनीय सूचनाएं स्वास्थ्य विभाग तक पहुंच रही है। खकनार तहसील मुयालय से ८ किमी दूर दातपहाड़ी गांव तो मिसाल बन गया, यहां ग्रामीणों ने सीमा सील कर दी, और खुद निगरानी के लिए डट गए, ताकि कोई अंदर न आए न बाहर जाए। 
इसी तरह शहर में भी लोगों में खासी जागरुकता देखने को मिल रही है। कोई भी व्यक्ति बाहर का दिखने पर स्वास्थ्य विभाग को गुप्त लगातार इसकी सूचना की जा रही है, ताकि किसी भी तरह से यह बीमारी नहीं फैलना चाहिए। दातपहाड़ी पंचायत में सरपंच व ग्रामीणों ने पूरे गांव की नाकाबंदी कर दी है। किसी भी बाहरी व्यक्ति या दूसरे राज्य से आने जाने वालों पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगा दी। ग्राम के सहायक रोजगार रफीक मंसूरी ने बताया कि हमारी टीम द्वारा जिसमें एएनएम, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी, सहायिका भी ग्रामीणों को सुरक्षा संबंधी जानकारी व इस महामारी को रोकने के उपाय बता कर समझाइश दे रही है। 

जैसे की घर से बाहर न निकले मुंह पर मास्क या कपड़ा लगा कर रखे। बार-बार साबुन से हाथ धोए, छींकते व खांसते समय मुंह पर कपड़ा रखे। नाके पर श्रीराम सोलंकी, प्रकाश मोरे, सुनील जामबेकर, दिनेश मावस्कर, रेवाराम सोलंकी, प्रेम जामबेकर यहां ड्यूटी दे रहे हैं। जरूरत पडऩे पर यदि किसी भी ग्रामीण को किसी अतिआवश्यक काम से बाहर जाना हो तो नाके पर हम लोगो के द्वारा इसकी जानकारी व जाने आने का समय भी लिखा जा रहा है। 

स्वास्थ्य विभाग के महामारी नियंत्रक रविंद्रसिंह राजपूत ने बताया कि लोगों में बहुत जागरुकता आई है। शहर में कोईबाहरी व्यक्ति दिखने पर या रिश्तेदारी में भी या आस पड़ोस में बीमार हो जाए या ज्यादा खांसी भी हो रही हैं, तो उसकी गोपनीय सूचना हर दिन २० के करीब आ रही है। इसके लिए ४ मेबाइल टीम बनाई है, इसमें डॉक्टर, एएनएम व स्टॉफ नर्सरहती है, तो इलाज करती है। 
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