युवक ने पुलिस पर झाड़ा 'पुलिसवाला' होने का रौब, जब पोल खुली तो मांगने लग गया माफी

कोरोना वायरस से फैली महामारी कोविड 19 के खिलाफ जंग लडऩे और देश के नागरिकों को इससे बचाने के लिए पुलिस दिन रात सड़कों पर ड्यूटी दे रही है। लेकिन उनकी इस तत्परता को वे लोग धत्ता बता रहे हैं, जो न नियमों की पालना करना चाहते हैं और न ही कोरोना वायरस से देश में होने वाले संकट की चिंता करते हों। देश के प्रति ऐसे लापरवाह लोग लॉकडाउन के दौरान सड़कों पर घूमने के लिए पुलिस को पुलिस का ही रौब झाड़ देते हैं, ऐेसे में तैनात पुलिस कर्मी भी दुविधा में पड़ जाते हैं।
ऐसा मामला यमुनानगर में उस वक्त सामने आया जब पुलिस जा रही गाडिय़ों को चेक कर रही थी। जब एक युवक से गाड़ी के कागज दिखाने को कहा गया तो उसने खुद को डीएसपी बराड़ा का रीडर बताया और कोई भी कागज नहीं दिखा पाया। यहां तक कि वह अपना पुलिस में होने का आईडी कार्ड भी नहीं दिखा पाया। युवक खुद को फंसता देख माफी मांगने लगा।

वहीं एक और व्यक्ति जिसकी गाड़ी के शीशों पर काली फिल्म लगी थी, उस पर भी कार्रवाई की गई वो व्यक्ति अपने आप को लाइंस क्लब से जुड़ा और इस माहौल में लोगों की मदद करने वाला बता रहा था, लेकिन उनके पास प्रशासन की परमिशन का कोई प्रूफ नहीं मिला। ऐसे में पुलिस ने उस गाड़ी का भी चालान किया। एसएचओ ट्रैफिक ललित कुमार ने बताया कि आज वो अपनी टीम के साथ प्यारा चौक पर थे। तभी उन्हें एक गाड़ी आती दिखाई दी जिस पर काली फिल्म लगी थी। जब उससे पूछताछ की गई तो उसने खुद को बराड़ा डीएसपी का रीडर बताया, लेकिन कोई भी दस्तवेज नहीं दिखा पाया। ऐसे ही एक और व्यक्ति मिला, जो अपनी बातों का प्रूफ नहीं दे पाया। पुलिस ने दोनों ही गाडिय़ों पर नियमानुसार चालान किया है।
Loading...