दो बराती के साथ शादी करने पहुंचा था दूल्हा, नहीं हुई दुल्हन की विदाई, जाने क्या है ये पूरा मामला

लॉकडाउन होने के कारण एक युवक की शादी में दुल्हा के साथ उसके पिता और अगुआ ही पहुंचे। सिर्फ घर के लोगों की मौजूदगी में ही निकाह कराया गया। आवागमन पर रोक होने के कारण निकाह का रस्म पूरा कराने के बाद दूल्हा चला गया और माहौल सामान्य होने के बाद दुल्हन की विदाई की जाएगी। लार ब्लॉक के पटना गांव निवासी रहमत की बेटी की शादी जटमलपुर गांव निवासी इश्तेखार मंसूरी के साथ तय थी। 25 मार्च को शादी थी। 
इसके लिए पहले से टेंट और अन्य समानों की बुकिंग हो चुकी थी। अचानक लॉकडाउन होने के कारण शादी पर संकट खड़ा हो गया। कोरोना के कारण कोई शादी में आने को तैयार नहीं था। पूरे दिन इसको लेकर दोनों पक्ष के लोग परेशान रहे। रात करीब 9 बजे बेटी पक्ष के लोगों ने अपनी कार जटमलपुर इश्तेखार के घर भेजा। रात को इश्तेखार और इनके पिता नईम मंसूरी शादी के लिए पहुंचे। अगुआ भी था।

बेटी पक्ष की ओर से रहमत और इनकी बेटी तथा परिवार के सदस्य मौजूद रहे। आनन-फानन में आधी रात को निकाह हुआ। लड़की की विदाई माहौल शांत होने के बाद करने की बात कही गई। जबकि लड़के पक्ष के लोग लड़की की विदाई चाह रहे थे। सभी की सहमति से यह तय हुआ कि कोरोना का कहर सामान्य होने के बाद दुल्हन की विदाई की जाएगी। शादी में कोरोना के भय से गांव के अधिकांश लोग शामिल नहीं हुए।
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