लॉकडाउन : पैसे नहीं थे तो पति ने लगा लिया फंदा, पत्नी ने बचाया और फिर...

हिमाचल के हमीरपुर जिले के उपमंडल नादौन में एक प्रवासी व्यक्ति ने कर्फ्यू के कारण रोजगार छीनने से तंग आकर बुधवार शाम को आत्महत्या का प्रयास किया। प्रवासी ने गले में फंदा डालकर कमरे की छत से लटकाने का प्रयास किया। लेकिन इसी दौरान उसकी पत्नी ने फंदा लगाते हुए देख लिया और दराट से फंदा काटकर पति की जान बचा ली। पीड़ित की पत्नी ने शोर मचाते हुए आसपास के लोगों को बुलाया। स्थानीय लोगों ने 108 नंबर पर कॉल करके एंबुलेंस बुलाई। इसके बाद व्यक्ति को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नादौन में उपचार के लिए पहुंचाया गया।
सूचना मिलने के तुरंत बाद नादौन थाना से पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और पीड़ित व्यक्ति की पत्नी के बयान लिए। पुलिस को दिए बयान में आत्महत्या का प्रयास करने वाले सतीश कुमार की पत्नी फूल कुमारी ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं तथा नादौन के गांव जलाड़ी में किराए के मकान में रहते हैं। वह कस्बा में दिहाड़ी मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। लेकिन लॉकडाउन और उसके बाद कर्फ्यू के कारण उन्हें कोई रोजगार नहीं मिल रहा व घर पर ही रहने को मजबूर हैं।

महिला ने बताया कि पैसों की कमी के कारण घर के किराये के भुगतान और खाने-पीने की सामग्री की दिक्कतें पेश आ रही हैं। बुधवार को उनके पति ने उत्तर प्रदेश अपने घर पर फोन करके उनके खाते में पैसे डलवाने के लिए फोन किया था। लेकिन घर से भी कोई मदद नहीं मिली। जिसके बाद पति ने घर के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या की कोशिश की। महिला ने बताया कि जब पति जब कमरे में फंदा लगाने का प्रयास कर रहा था, उस दौरान वह कमरे के बाहर काम कर रही थी। इसी दौरान उसकी नजर पति द्वारा कमरे में लगाए जा रहे फंदे पर पड़ी और वह दौड़ती हुई कमरे में पहुंची।

महिला ने फंदे को काटकर पति को बचाया। अस्पताल में उपचार के दौरान पुलिस ने पीड़ित परिवार को एक हजार रुपये नकद सहायता राशि भी दी है। पीड़ित सतीश कुमार आयु 22 पुत्र ढाल राम निवासी बड़हरिया शासन यूपी का रहने वाला है। वह अपनी पत्नीके साथ जलाडी में किराए के मकान पर रह रहा है। उनका एक सात महीने का बेटा भी है। नादौन थाना जांच अधिकारी एसआई चुन्नी लाल ने मामले की पुष्टि की है। वहीं, अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर दामन ठाकुर ने बताया कि सतीश कुमार जब अस्पताल पहुंचाया गया तो उसकी हालत गंभीर थी। लेकिन उपचार के बाद अब स्थिर हैऔर अभी अस्पताल में उपचाराधीन है।
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