लॉकडाउन : बच्चे ने गाया ऐसा गाना सुनने के बाद सोच में पड़ जाओगे आप, जानिए ऐसा क्या गाया!

कोरोना के दौर में लॉकडाउन के कारण खासतौर पर मजदूरों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। लोग 300-300 किलोमीटर अपने घर जाने के लिए शहरों से पैदल ही चल पड़े। बीवी-बच्चों को साथ लिए। एक बच्चा है, उसका विडियो सामने आया है। वो साइकिल पर बैठा है। गाना गा रहा है। गाना ऐसा कि आप सोच में पड़ जाओ कि ये छोटू सा बच्चा इतनी बड़ी बात बोल गया।

क्या हैं इसके बोल?

इस गाने के बोल पंजाबी में हैं, ‘वाह ओ मेरेआ मौला, वाह ओ मेरेआ मौला, तेरे कैसे रंग नियारे, कई नखरेयां दे नाल खांदे, कई भुक्खे मन्न बेचारे, वाह ओ मेरेआ मौला, जिह्नू मिट्टी नाल मिट्टी होके, एक डंग ना जुड़दी रोटी, ओहदे ही खून पसीनें चों एक ठग्ग बनउंदा कोठी, सच्चा चुप है ताइयों माड़ा, हो कंजर मारे ललकारे, कई नखरेयां दे नाल खांदे, कई भुक्खे मरन बेचारे, ओ चूस के खून गरीबां दा, आ गई चेहरे ते लाली, फिर वी ओलादां गंदियां ने जिह्नी मर्जी रकम कमा ली, नाले दिन कटदे बीच फिक्रां, उत्तों रात गिनाउंगी तारे, कई नखरेयां दे नाल खांदे, कई भुक्खे मन्न बेचारे, वाह ओ मेरेआ मौला, ओ चक्क ले तू चौहान नूं या फिर सब दी झोली भर दे, हो या तू अंक्खां खोल रब्बा, या नैन साडे बंद कर दे, आ बैठा बीच तू ही दे कमला, तेनू ही ताने मारे, कई नखरेयां दे नाल खांदे, कई भुक्खे मरन बेचारे, वाह ओ मेरेआ मौला…

मतलब समझना जरूरी है

इस बोल के मतलब समझने जरूरी हैं। हम आपको इसका हिंदी में मतलब समझाते हैं। ‘वाह ओ मेरे मौला, तेरे कैसे हैं ये रंग नियारे, कई लोग नखरों के साथ खाते हैं, कई भूखे ही मर जाते हैं बेचारे, जिसको मिट्टी में मिट्टी होकर भी एक टाइम ना मिलती रोटी, उसके ही खून पसीने से कोई ठग्ग बना लेता है कोठी, सच्चा चुप है तो ही बुरा है, और झूठा मारे ललकारे, कई नखरों के साथ खाते हैं, कई भूखे ही मर जाते हैं बेचारे, ओ चूस के खून गरीबों का, आई तेरे चेहरे पे लाली, फिर भी औलादें गंदी हैं चाहे तूने जितनी भी रकम कमा ली, साथ में दिन तेरे कटते हैं फिक्रों में, रातों को गिनता है तू तारे, कई नखरों के साथ खाते हैं, कई भूखे ही मर जाते हैं बेचारे, उठा ले या तू चौहान को, या फिर सबकी भर दे झोली, या तू आंखें खोल रब्बा या नैन हमारे बंद कर दे, मैं तुझमें ही बैठा, तुझे ही ताने मार रहा हूं। कई नखरों के साथ खाते हैं, कई भूखे ही मर जाते हैं बेचारे।’ क्या समझे?

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