लॉकडाउन : "चल-चल मेरे भाई.." जब नहीं मिला कोई साधन, तो भाई को पीठ पर लादकर यूं निकल पड़ा युवक

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने देशभर में 21 दिनों का लॉक डाउन किया गया है, लेकिन काम-धंधा ठप होने से दिहाड़ी मजदूरों के लिए खाने-पीने और रहने का संकट पैदा हो गया है। लिहाजा, वे अपने-अपने घरों की ओर निकल पड़े हैं। 
हालांकि अब केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे लोगों को राज्य की सीमा पर रोककर उनके वहीं रहने और खाने-पीने का इंतजाम किया जाए। उनका चेकअप किया जाए। ये तस्वीर गुजरात के भरूच जिले के अंकलेश्वर की है। 

दक्षिण गुजरात में काम करने वाले दिहाड़ी मजदूर लगातार अपने-अपने गांवों या शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। यह युवक भी उनमें से एक है। उसका भाई दिव्यांग है, लिहाजा वो उसे पीठ पर लादकर चल पड़ा। इसके पास किराये के पैसे नहीं थे, इसलिए मजबूरी में उसे पैदल ही घर के लिए निकलना पड़ा।
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