लॉकडाउन : तीन दिनों में ऑटो चलाकर दिल्ली से पहुंच गए कदवा!

कोरोना को लेकर देश में लागू लॉक डाउन को लेकर प्रवासी लोगों के आने का सिलसिला जारी है। कोई पैदल तो कोई अन्य साधनों से यहां पहुंच रहे हैं। प्रखंड के कदवा पंचायत के नुनगरा निवासी चंदन विश्वास अपनी पत्नी साक्षी विश्वास व तीन बच्चों के साथ दिल्ली से खुद आटो चलाकर यहां पहुंच गए। वह गत डेढ़ दशक से दिल्ली के बाजीराबाद में रहता था। पहले पलंबर का कार्य करता था, जबकि दो वर्षों से खुद की आटो चलाकर परिवार का भरण पोषण करता था। लॉकडाउन होने के बाद काम बंद होने की वजह से परिवार के भरण पोषण में कठिनाई होने लगी थी। 
ऐसे में तीन छोटे-छोटे बच्चों एवं पत्नी के साथ वे गत शुक्रवार को निकला था और रविवार की रात्रि घर पहुंच गया। उसकी पत्नी साक्षी ने बताया कि महानगर की स्थिति काफी खराब है। खासकर बाहर से दिल्ली पहुंचे कामगारों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। उद्योग धंधा के साथ अन्य रोजगार के साधन बंद होने से खाने पीने की दिक्कतें हो रही है। साथ ही काफी मजदूरों के रहने का ठिकाना नहीं है। इस परिस्थिति में लोगों को अपने घर की याद आ रही है। वहां के मजदूर घर आने को बेचैन है। काफी संख्या में प्रवासी मजदूर घर के लिए पलायन कर चुके हैं। 

उन्होंने बताया कि दिल्ली से निकलने के बाद रास्ते मे तीन-चार जगहों पर सभी का स्वास्थ्य जांच किया गया। स्वास्थ्य जांच के बाद हाथ मे मोहर लगा दिया जाता था। वहीं कई जगहों पर रास्ते मे पुलिस वालों ने बच्चों को खाने पीने हेतु बिस्कुट भी दिया। घर पहुंचने के बाद वे लोग काफी खुश नजर आ रहे हैं। हालांकि बाहर से गांव आए लोगों से ग्रामीणों में भय देखा जा रहा है। लोग उससे दूरी बनाकर रह रहे हैं। प्रवासी मजदूर के यहां पहुंचने की सूचना मिलते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी डा. राकेश गुप्ता ने रास्ते से ही तीनों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दुर्गागंज ले जाकर आवश्यक जांच कराई। स्वस्थ पाए जाने की दशा में भी उसे चौदह दिनों तक लोगों से दूरी बनाकर रहने की सलाह दी गई है।
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