दो सगे भाइयों को नहीं मिला साधन तो पैदल ही इंदौर से उमरिया तक का तय कर दिया सफर....

जिस दिन से लॉकडाउन किया गया है, उसी दिन से यातायात के समस्त साधन भी बंद हैं। ऐसे में उन लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है जो लोग अपने गृहग्राम से दूसरे प्रांत या शहर में काम की तलाश या फिर काम करने गए थे। लॉकडाउन होने के बाद से ही सभी कामकाज भी प्रभावित हैं। जिसके कारण बाहर से काम की तलाश में गए लोगों के सामने रोजी-रोटी के साथ ही काम धंधे की भी दिक्कतें बढ़ गई हैं। 
ऐसे में यहां से बाहर गए लोग अपने शहर व गांव पहुंचने के लिए साधन नहीं मिलने पैदल ही कूच रहे हैं। इंदौर से सड़क मार्ग होते हुए शनिवार की सुबह छोटी छादा निवासी दो सगे भाई वाल्मीकि यादव उम्र 25 एवं नोहित पिता नंद लाल यादव उम्र 18 वर्ष भूखे प्यासे मुख्यालय पहुंचे, जहां कुछ समाजसेवियों ने फल, दूध, पानी आदि देकर दोनों युवा भाइयों का परीक्षण कराया। 

परीक्षण में दोनों युवा नेगेटिव पाए गए हैं। नोवेल कोरेना संक्रमण फैलने के बाद से ही पूरा देश लॉक डाउन है, ऐसी विषम परिस्थितियों में महानगरों में काम करने वाले पैदल ही गंतव्य की ओर रवाना हो चले है, ऐसी ही परिस्थिति का शिकार ये दोनों युवा भाई थे, जिसके बाद इंदौर से पैदल ही घर आना जरूरी समझें।
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