चंद पैसे के लिए देश व देशवासियों से कर दिया गद्दारी...

कोरोना को लेकर पूरे देश में लॉकडाउन है। इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से भी जनता से दो दो बार अपील की गई है कि देश को बचाने के लिए लॉकडाउन का पालन करें। सूबे के सीएम हेमंत सोरेन भी आम लोगों से लॉकडाउन का पालन करने की अपील कर रहे हैं। लेकिन सूबे की सिस्टम में इतनी खामियां है कि सरकार के नुमाइंदे चंद पैसों के लिए देश व देशवासियों से गद्दारी कर रहे हैं। चंद पैसों के खातिर कैसे देश व देशवासियों से गद्दारी की जा रही है इसका खुलासा गुरूवार को तब हुआ जब पुलिस मजदूरों को लेकर जा रही कई गाड़ियों को पकड़ा। जिसके बाद उन गाड़ी के चालकों ने पूछताछ में बताया वो सरकार के नुमाइंदों की गद्दारी का सबूत है।
गुरुवार सुबह मीडिया की सूचना पर देवघर पुलिस तीन ऐसी ही गाड़ियों को पकड़ा। ये तीनों गाड़ी बंगाल से मजदूर लेकर बिहार के जमुई जिला जा रहे थे। एक एक गाड़ी में 20 से 22 मजदूर लदे थे। इन मजदूरों में कुछ बंगाल की बैग बनाने वाली कंपनी तो कुछ मजदूरी का काम करते थे। इनमें से दो गाड़ियां दुमका के रास्ते देवघर पहुंची । इस गाड़ी में सवार मजदूरों को बिहार के जमुई जिला अंतर्गत झाझा जाना था। इस गाड़ी को कुंडा थाना क्षेत्र के पेट्रोल पंप के पास पकड़ा गया। एक अन्य गाड़ी चितरंजन जामताड़ा होते हुए देवघर तक पहुंच गई। इस पर सवार मजदूर सीमावर्ती बिहार के माधोपुर की ओर जा रहे थे। इसे पुलिस ने पुरनदाहा मोड़ के पास पकड़ा। दुमका की ओर से आई गाड़ी के चालक पिटू साव ने बताया कि दुमका में दो जगह उन्हें रोका गया एक जगह दोनों गाड़ियों से 1500 तो दूसरी जगह 1000 लेकर पुलिस वाले ने आगे जाने दिया।

वहीं देवघर घुसने पर पुलिस वाले को 200 रुपये देने पड़े। जबकि जामताड़ा के रास्ते आई गाड़ी के चालक सूरज कुमार ने बताया कि रास्ते में कहीं भी न चेकिग हुई ना पुलिस वाले ने रोका। देवघर में इन सभी को मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया । जांच करने के बाद उन्हें आगे भेजा गया । सूत्रों की मानें तो हर दिन दर्जनों गाड़ियां इसी तरह मजदूरों को भर -भर कर बंगाल से झारखंड और बिहार लेकर रही हैं। घर तक ले जाने के लिए हर मजदूर से 800 से 1000 रुपया गाड़ी वाले ले रहे हैं। जगह-जगह कहने के लिए की जांच की जा रही है । जानकारी हो कि सिर्फ आवश्यक वस्तु की गाड़ियों को ही आवाजाही की अनुमति है । लेकिन इसकी आड़ में निर्देशों की धज्जियां उड़ाते हुए सुनियोजित तरीके से लोगों को गाड़ियों से एक प्रदेश से दूसरे प्रदेश ले जाने का खेल चल रहा है। गाड़ियों के जांच के लिए दस चेक पोस्ट बनाए गए हैं। इन चेक पोस्ट पर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी व पुलिस जवानों को तैनात किया गया है। इस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से सख्ती से लागू किया जा रहा है।
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