10 माह के बच्चे का गला दबाते नहीं कांपे मां के हाथ, 4 लोगों की हत्या कर खुद भी दे दिया जान

एटा के श्रृंगार नगर में पांच लाशों की गुत्थी पुलिस ने सुलझाई तो सभी के पैरों तले जमीन खिसक गई। जिस मां ने अपने हाथों से दस माह के मासूम और दस वर्ष के बेटे को पाला पोसा, उसी मां के हाथ इनकी जान लेने के लिए नहीं कांपे। पुलिस के खुलासे के बाद मोहल्ले में सभी लोग स्तब्ध हैं। जिस घर में बच्चों की किलकारी गूंजती थी आज वहां मातमी सन्नाटा छाया है। पुलिस ने हत्या का आरोप दिव्या पचौरी पर लगाया है। दिव्या ने सभी को विषाक्त पदार्थ खिलाकर मारा और फिर खुदकुशी कर ली।
श्रृंगार नगर निवासी सेवानिवृत्त स्वाथ्यकर्मी राजेश्वर प्रसाद पचौरी के मकान में पुत्रबधू दिव्या पचौरी पत्नी दिवाकर पचौरी, नाती आरूष (10) और आरव उर्फ छोटू (10 माह) दिव्या की बहन बुलबुल (26) के शव शनिवार सुबह बरामद हुए थे। पुलिस सूत्र बताते हैं कि परिवार में घरेलू कलह था। पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ कि दिव्या ने पारिवारिक कलह में चारों को रविवार की रात खाना खिलाया था, खाने में ही सभी को विषाक्त पदार्थ दिया गया।
विषाक्त पदार्थ वाला खाना खाने से चारों की मौत हो गई। इसके बाद दिव्या ने सभी के गले दबाए और मासूम छोटू के मुंह को दबाकर जान ले ली। दिव्या जब चारों की मौत से संतुष्ट हुई तब उसने खुद विषाक्त पदार्थ खाकर जान दे दी। जब लगा कि जान बच सकती है तो उसने ब्लेड से अपनी कलाई की नस भी काट ली थी। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने सभी शव परिजनों को सौंप दिए।
श्रृंगार नगर के जिस मकान से पांच शव बरामद किए गए थे, उस परिवार में अब सिर्फ इकलौता दिवाकर पचौरी बचा है। दिवाकर खबर मिलने के बाद शनिवार की शाम एटा पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। दिवाकर पचौरी ने बताया है कि शुक्रवार की दोपहर में पिता जी से बात हुई थी। शनिवार देररात सभी का अंतिम संस्कार पैतृक गांव में किया गया है। वारदात स्थल पर एसएसपी सुनील कुमार सिंह, डीएम सुखलाल भारती सहित फोरेंसिक एक्सपर्ट टीम, डॉग स्क्वैड टीम पहुंची थी। पुलिस ने यहां से तीन मोबाइल, कीटनाशक की गोलियां, ब्लेड, बच्चों की दूध की बोतल, कटोरी में रखी मिठाई आदि बरामद कर जांच के लिए भेजे थे।