लॉकडाउन में 100 किमी पैदल चली 12 साल की लड़की, अपने गांव से 14 km पहले ही तोड़ दिया दम

देश में कोरोना वायरस की वजह से दूसरा लॉकडाउन 3 मई तक लगाया गया है। जिसके चलते आम जनता काफी परेशान है। वही अब खबर हैं कि बीजापुर के आदेड गांव से 12 साल की बच्ची जमलो मडकामी गांव के अन्य लोगों के साथ रोजगार की तलाश में 3 माह पहले तेलंगाना गई थी। वहां पेरूर गांव में मिर्ची तोड़ने का काम करती थी। कोरोना के चलते अचानक से लॉकडाउन हो गया। 
पहले 21 दिन तो कट गए, लेकिन लॉकडाउन बढ़ा तो वह तीन दिन पहले 11 मजदूरों के साथ अपने गांव की ओर चल दी। रास्ते में तबीयत बिगड़ गई, फिर भी तीन दिन में करीब 100 किमी का सफर पूरा किया। लेकिन अपने गांव से महज 14 किमी पहले बच्ची ने दम तोड़ दिया। उसके साथ गांव के 11 दूसरे लोग भी थे, लेकिन जंगल के रास्ते उसे किसी तरह का इलाज नहीं मिल सका। 
घटना के वक्त मां-बाप घर पर उसके लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। अपनी बेटी को खोने का दु:ख मां-बाप की आंखों से आंसू बनकर बह निकला। पूछने पर सिर्फ इतना कहा-गरीबों का दु:ख कौन समझेगा? जब स्वास्थ्य विभाग को इसके बारे में पता कला तो हड़कंप मच गया। परिजनों को स्वास्थ्य विभाग ने क्वॉरेंटाइन कर दिया है। शव को पोस्टपॉर्टम के लिए हॉस्पिटल भेज दिया है। परिवार में वह बच्ची इकलौती संतान थी। मौत के बाद परिवार का रो रोकर बुरा हाल है।