लॉकडाउन में बेटी की हत्या करने 1000​ किमी दूर से आई मां, शव को जलाकर दफनाया!

राजस्थान के पाली जिले में ऑनर किलिंग का मामला सामने आया है। एक माह से लापता युवती का सुराग लग गया है। उसकी हत्या कर शव दफनाया गया था। वारदात को उसकी मां व चाचा ने मिलकर अंजाम दिया। खास बात यह है कि बेटी को मौत की नींद सुलाने के लिए मां उसे पुणे से एक हजार किलोमीटर की दूर तय करके पाली लेकर आई थी। पाली पुलिस ने ऑनर किलिंग के आरोप में महिला व उसके देवर को गिरफ्तार किया है।
पाली एसपी राहुल कोटेकी के अनुसार पुलिस जांच में सामने आया कि गांव सोनाइ मांझी निवासी शेषाराम सीरवी अपने भाई सवाराम के साथ परिवार सहित पुणे रहता है। वहां इनकी किराणे की दुकान है। शेषाराम की 16 वर्षीय बेटी रिंकू पुणे में ही दसवीं कक्षा की छात्रा थी। वह एक लड़के से प्यार करती थी। करीब दो साल से उसका प्रेम प्रसंग चल रहा था। एक दिन वह प्रेमी के साथ घर से भाग गई। बाद में पुलिस ने उसे दादर से दस्तयाब कर परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद रिंकू की मां सीता ने देवर के साथ मिलकर अपनी बेटी की हत्या की योजना बनाई। योजनानुसार सीता, उसका देवर सवाराम व बेटी रिंकू 18 मार्च को पाली के लिए पुणे से रवाना हो गए।
19 मार्च की शाम 4 बजे ये लोग अपने गांव सोनाई मांझी पहुंचे। गांव पहुंचने के बाद सवाराम रिंकू को बाइक पर बैठाकर अपने खेत पर ले गया। सवाराम के खेत पर उसके पिताजी की समाधि बनी हुई है। उसने रिंकू को बोला की दादाजी की समाधि पर दर्शन करने चलते हैं। शाम करीब साढ़े सात बजे रिंकू समाधि पर दर्शन कर रही थी। तभी चाचा ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। उस वक्त उसकी मां भी वहां मौजूद थी। दोनों देवर भाभी ने हत्या के बाद शव पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। शव पूरी तरह से नहीं चला तो उसे बोरे में भरकर खेत से 500 मीटर दूर नदी किनारे ले जाकर दफना दिया।
फिर उसी रात मां सीता अपने पीहर सोडावास चली गयी और दूसरे दिन 20 मार्च को सवाराम वापस पूणे चला गया। किसी को कानोकान खबर तक नहीं लगी। परिवार वालों के पूछने पर उन्होंने बताया कि वह अपने प्रेमी के साथ भाग गई। इधर, गांव में सोशल मीडिया पर खबर फैल गई कि गांव की लड़की लापता है। तब पुलिस ने संज्ञान लेते हए मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू की। संदिग्ध लगाने पर सीता को बिना बताये पुलिस टीम पूणे पहुंची और रिंकू के पिता शेषाराम, सीता व चचा सवाराम को पाली लेकर आई। पहले तो ये पुलिस को गुमराह करते रहे। फिर सख्ती बरतने पर सच उगल दिया। पुलिस ने शव निकलवाकर एसपी राहुल कोटेकी, एसडीएम रोहिताश्व सिंह तोमर व एडिशनल एसपी रामेश्वरलाल के सामने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम के बाद दफना दिया।