साहब, दो दिन से भूखे 100 लोगों का खाना भेज दो, जब वहाँ पुलिस पहुंची तो मजदूरों ने छिपा दिया अंडा करी और रोटी

साहब, हम 100 मजदूरों ने दो दिन से खाना नहीं खाया है। किसी के पास रुपये तक नहीं हैं। प्रशासन से ही मदद की उम्मीद है। खाना भेज दीजिए। सूचना मिलने के बाद मदद के लिए जिला प्रशासन की टीम गांव खोह पहुंच गई। हालांकि उन्होंने पाया कि मजदूरों के कमरे में अंडा करी बनी हुई थी व खाने का पर्याप्त सामान भी था। इतना ही नहीं वे जुआ भी खेल रहे थे। इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग कर टीम ने जिला प्रशासन को इसकी सूचना दी। प्रशासन ने इसकी जांच शुरू कर दी है।
मानेसर निवासी धर्मेंद्र यादव ने बताया कि वह जिला प्रशासन की तरफ से जरूरतमंदों की मदद करने के लिए सिविल डिफेंस के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्हें सूचना मिली थी कि गांव खोह में 100 मजदूर हैं, जिनके पास न तो राशन है और न ही रुपये। इस पर प्रशासन की टीम मजदूरों के लिए खाना लेकर मौके पर पहुंच गई। जैसे ही मजदूर खाना लेने कमरों से बाहर आए तो टीम के कुछ सदस्य उनके कमरे में पहुंचे। जांच के दौरान पाया कि कुछ मजदूरों के कमरे पर अंडा करी के साथ रोटी बनी हुई है। 

आटे की थैलियां भी रखी हैं। कुछ कमरे में बैठे जुआ खेल रहे थे। टीम को देखते ही उन्होंने जुए की रकम को छिपाने का प्रयास किया। खाना देने गई टीम के साथ गांव भांगरोला में कुछ लोगों ने मारपीट की। टीम ने खाना देने के दौरान जरूरतमंदों से उनके आधार कार्ड मांगे थे ताकि जिला प्रशासन द्वारा अन्य सहायता भी उन तक पहुंचाई जा सके। इस मामले में जिला प्रशासन को सूचना दी गई है, लेकिन पुलिस को इसकी शिकायत नहीं दी गई है।