लॉकडाउन में नाराज होकर 16 किलोमीटर पैदल चली गई लड़की तो पुलिस ने पहुंचाया घर

लॉकडाउन के समय पुलिस पर दोहरी जिम्मेदारी आ गई है और दोनों ही जिम्मेदारी पर पुलिस खरी उतरी है। जहां पुलिस पर सुरक्षा का भार है वहीं पुलिस का मुसीबत में फंसे लोगों के लिए मददगार साबित हो रही है। ताजा मामला शहर कोतवाली अंतर्गत अतर्रा चुंगी चौकी का है। जहां घर से नाराज होकर 16 किलोमीटर पैदल चल कर आई एक किशोरी को पुलिस ने सुरक्षित घर पहुंचा कर सराहनीय कार्य किया।
जिले के गिरंवा थाना क्षेत्र के हुसैनपुरकला से एक नाबालिग लड़की अपने परिजनों की डांट से छुब्ध होकर सुबह जल्द ही पैदल घर से निकल पड़ी और चलते-चलते 16 किलोमीटर दूर चल कर बांदा आ पहुंची। उसने जैसी ही बांदा शहर में घुसने की कोशिश की तो अतर्रा चुगीं पर बैरिकेटिंग लगाए पुलिस कर्मी खड़े दिख गये, तो वह छिपने लगी। इसी दौरान एक सिपाही की नजर उस पर पड़ी। उसे शंका हुई और उसने तुरंत आवाज लगाई और बुलाया। पास आते ही लड़की रोने लगी।

दरोगा रोशन गुप्ता ने लड़की को कुर्सी पर बैठाया व पूंछा तो लड़की बोली साहब बहुत तेज भूख लगी है। इतना सुनते ही सिपाही दौड़कर फल व पानी लेकर आया व लड़की को दिया। जब लड़की ने खा लिया तब उससे पूंछा कहां से आयी हो और कहां जाना है। लड़की ने रोते हुए बताया कि घर वालों ने डांट दिया था जिससे मैं नाराज होकर घर से चली आयी हूं। दरोगा व सिपाही ने लड़की के परिजनों से सम्पर्क साधा व उसके परिजनों को बुलाकर एक घंटे में लड़की को मां व बाप के सुपुर्द कर दिया। लड़की के मां व बाप बांदा पुलिस को धन्यवाद देते नहीं थक रहे थे और कह रहे थे कि पुलिस न होती तो क्या होता मेरी बिटिया का।