मदरसे में छिपे मिले 16 युवक, मोहल्ले से ही पहुंचाया जा रहा था खाना!

तबलीगी जमात की लुकाछिपी के बीच जिले की सफीपुर तहसील में एक अवैध मदरसे में 16 छात्र मंगलवार को पाए गए। लॉक डाउन के बाद इस्लामिया तालिबे इल्म मदरसे में छिपे इन छात्रों की जानकारी मदरसा संचालकों ने आज तक पुलिस अथवा प्रशासन को नहीं दी थी। छिपे लोगों की खोज में चल रही पुलिस की जांच के दौरान यह लोग मदरसा और मोहल्ले में पाए गए। सभी छात्र बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
कस्बा के मियांबा•ार मोहल्ला मे संचालित इस्लामिया मदरसे में पढ़ने वाले इन छात्रों में कुछ को मदरसे और कुछ को घरों से निकाल कर महात्मा गांधी इंटर कॉलेज में बने क्वारंटाइन सेंटर भेजा गया। मोहल्लेवासियों ने बताया कि गैर पंजीकृत मदरसे मे मौलवी की तालीम दी जाती है। जिसमे गैर प्रांत के भी छात्र पढ़ते हैं। संचालक जलील कुरैशी व नफीस मुलइया के अनुसार लॉक डाउन के आदेश के बाद मदरसा बन्द कर दिया गया था। जिसके बाद बिहार प्रान्त से पढ़ने वाले छात्र वापस नही जा पाए। 

जिससे आसपास के रहने वाले लोगों ने इन्हे अपने घरो मे सहारा देकर खाने पीने की व्यवस्था कर रखी थी। संचालकों के अनुसार लॉक डाउन के बाद से मदरसा बंद कर दिया गया था। वहीं मदरसे के छात्र बिहार निवासी अरशद रजा, आशिक हुसैन, कैफ आबिद मोहम्मद, अहमद रजा, इस्तेखार रजा, मोहम्मद आलम, शाहनवाज, सरफराज , शमशाद, मोहम्मद जलाल, मोहम्मद अलीम, अब्दुल रज्जाक, इमरान वापस नही जा पाए। 

हालांकि संचालकों ने इन गैर प्रांत के इन छात्रों की जानकारी पुलिस और प्रशासन को देना भी उचित नहीं समझा। कोतवाल अशोक कुमार पाण्डेय ने जांच के दौरान मंगलवार को इन युवकों को यहां पाया। जांच के दौरान मदरसा बन्द था। छात्र कस्बे के ही अलग अलग स्थानों पर रह रहे थे। सुरक्षा की ²ष्टिकोण से इन्हें एकत्रित कर क्वारंटाइन सेंटर में रखा गया है। मुझे अथवा पुलिस को मदरसा संचालकों ने लॉक डाउन के दौरान दूसरे प्रदेश के छात्रों के यहां रहने की जानकारी नहीं दी थी। इसके अलावा जिन तीन रजिस्टर्ड मदरसों की जांच की थी यह मदरसा उनमें नही है। पुलिस कार्रवाई कर रही है।