मुंबई के हाई वे पर 190 साल पुराने अम्रुतांजन ब्रिज को विस्फोटकों से गिराया गया, 1830 में बनकर तैयार हुआ था!

मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे के पास बने रेलवे के 190 साल पुराने अम्रुतांजन ब्रिज को रविवार शाम को गिरा दिया गया है। रेलवे के इस ब्रिज को ट्रैफिक को सुचारू रूप से चलाने के लिए गिराया गया है। यह ब्रिज पुराने लोनावला रेल नेटवर्क का एक हिस्सा था। एमएसआरडीसी ने इस ब्रिज को विस्फोटकों की मदद से गिराया है। बता दें कि साल 2017 में हुए स्ट्रक्चरल ऑडिट में यह बात सामने आई थी कि यह ब्रिज बेहद कमजोर हो गया है।
कमजोर होने के चलते यह ब्रिज इसके नीचे से जाने वाले भारी ट्रैफिक को नहीं संभाल पाएगा और मौसम की मार के चलते यह ब्रिज गिर सकता है और किसी हादसे का सबब बन सकता है। लॉकडाउन के दौरान इस समय हाई-वे पर ट्रैफिक नहीं चल रहा है और इसी का फायदा उठाते हुए एमएसआरडीसी ने यह फैसला लिया कि इसके विस्फोट के जरिए गिराया जाएगा और इसके मलबे को हटाया जाएगा।
इस ब्रिज के मलबे को अगले 4 दिनों में पूरी तरह से साफ कर दिया जाएगा। इसके लिए करीब 1200 ट्रक ट्रिप लगाई जाएंगी। इस दौरान यहां का ट्रैफिक कंडाला रूट के लिए डाइवर्ट कर दिया जाएगा। आपको इस ब्रिज के बारे में बता दें कि अम्रुतांजन ब्रिज को सबसे पहले 10 नवंंबर 1830 में शुरू किया गया था। इस ब्रिज को मुंबई और पुणे को जोड़ने के लिए बनाया गया था।
बाद इस ब्रिज का इस्तेमाल रेलवे की थर्ड लाइन के तौर पर इस्तेमाल किया गया, जहां पर बोर घाट सेक्शन के इंजनों को रिवर्स किया जाता था। इसके बाद ज्यादा ताकतवर इंजन आने के बाद इसका इस्तेमाल बंद कर दिया गया था।