लॉकडाउन के समय वीडियो में बोला युवक "पुलिसवाले मेरे पिता को दें 1 करोड़ रुपए!"

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उसने एक वीडियो बनाया, जिसमें पुलिसकर्मियों पर प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए कई बातें कही है। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव नीचे उतरवाया और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। वहीं, इस मामले में मलावर थाना प्रभारी व एसआई को निलंबित कर दिया गया है।
मृतक के परिजनों ने राजगढ़ पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर उसके साथ पुलिस द्वारा मारपीट, झूठे केस में फंसाने व रुपयों के लिए प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। परिजनों ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की। बता दें कि राजगढ़ जिले के मलावर थाना पुलिस ने गोलू नाम के युवक को एक नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार किया था। 

गोलू अपने मामा रामस्वरूप की बाइक मांगकर ले गया था। मलावर पुलिस थाने के एएसआई अवध नारायण शर्मा ने रामस्वरूप को आरोपी न बनाने के 50 हज़ार मांगे थे जिस पर 30 हज़ार देते रामसरूप ने एएसआई की मोबाइल में रिकार्डिंग की, जो एएसआई ने उसी समय देख ली और मोबाइल छुड़ाकर रख लिया।
आरोपी एएसआई ने रामस्वरूप से खूब मारपीट की। उसने प्रताड़ना से तंग आकर खुद का वीडियो रिकार्ड किया और उसके बाद आत्महत्या कर ली। वीडियो में वह मांग कर रहा है कि उसकी आत्महत्या के​ जिम्मेदार पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा हो या फिर उनसे मेरे पिता के खाते में एक करोड़ रुपए जमा करवाए जाए। 

साथ उसने अपने अंतिम वीडियो को पीएम मोदी व सीएम शिवराज सिंह चौहान तक पहुंचाने की भी इच्छा जताई है। एसडीशनल एसपी नवल सिंह ने बताया कि मामला गंभीर है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच के आधार पर मलावर थाना प्रभारी व एसआई को निलंबित किया गया है।