सिंगापुर यूनिवर्सिटी की रिसर्च में बड़ा दावा, भारत में 21 मई तक खत्म हो सकता है कोरोना वायरस

इस वक्त पूरी दुनिया में 30 लाख से ज्यादा मामले कोरोना संक्रमण के हैं. 2 लाख 7 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. कोरोना काल बनकर पूरी दुनिया में कोहराम मचा रहा है. हर तरह का नुकसान सहते हुए करीब करीब पूरी दुनिया लॉकडाउन में है. भारत में 3 मई तक लॉकडाउन है और आगे लॉकडाउन जारी रहेगा कि नहीं इस पर विचार हो रहा है. 
इस बीच सबके मन में कई सवाल हैं कि आखिर कोरोना कब खत्म होगा. जब तक इस वायरस का टीका नहीं बनेगा तब तक क्या यह वायरस ऐसे ही कहर मचाता रहेगा? क्या दुनिया को अब लॉकडाउन में ही रहना होगा? क्या भारत के लोगों को अब लॉकडाउन की आदत डाल लेनी चाहिए? इन सवालों का जवाब देने की स्थिति में फिलहाल कोई भी नहीं है लेकिन सिंगापुर युनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी एंड डिजाइन ने इन सवालों का जवाब खोजने की कोशिश की है. सिंगापुर यूनिवर्सिटी ने कोरोना के फैलने के पैटर्न के आधार पर 131 देशों के लिए ये डाटा तैयार किया है.

भारत में 21 मई तक हालात हो जाएंगे काफी बेहतर
इसके मुताबिक भारत में 21 मई तक कोरोना वायरस के 97% तक केस खत्म हो जाएंगे. आगे कहा गया है कि 31 मई तक भारत में 99% तक कोरोना के मामले खत्म हो जाएंगे और 25 जुलाई तक भारत से कोरोना वायरस पूरी तरह खत्म हो जाएगा. सिंगापुर यूनिवर्सिटी की स्टडी भी कह रही है कि 21 मई तक भारत से 97% वायरस खत्म हो जाएगा. इस गणना के आधार पर भविष्य का अनुमान लगाना बहुत मुश्किल काम है. लेकिन ये बात भी सच है कि भारत में 82.71% कोरोना के मामले सिर्फ 8 राज्यों से हैं. त्रिपुरा, मणिपुर, गोवा और अरुणाचल प्रदेश कोरोना से पूरी तरह मुक्त हो चुके हैं.

अब सवाल ये है कि भारत से कोरोना कैसे खत्म होगा? इसकी सिर्फ दो शर्तें हैं -

पहली सवाल - नए मामलों में कमी आए

दूसरी सवाल - ठीक होने वालों की दर में इजाफा हो.

नए मामलों में कमी तो अभी नहीं आ रही है, लेकिन कोरोना से ठीक होने वालों की दर में वृद्धि जरूर हो रही है. लॉकडाउन से पहले 22 मार्च को भारत में कोरोना से ठीक होने वाले 6.06% थे. जो 15 अप्रैल तक बढ़कर 11.26% हो गए, इसी दिन लॉकडाउन के दूसरे फेस की शुरुआत हुई और अब 27 अप्रैल तक भारत में कोरोना से ठीक होने वाले 22.17% हो गए. आज की 6184 क्योर हुए हैं. रिकवरी रेट 22.17% हो गया है. यानी सिंगापुर यूनिवर्सिटी की ये स्टडी एक नई आशा जगाती है. लेकिन कोरोना के नए मामलों में फिलहाल कमी नहीं आई है.
24 अप्रैल को 1752 नए मामले आए, 25 अप्रैल को 1490, 26 अप्रैल को 1975 नए और 27 अप्रैल कोरोना के 1396 नए मामले सामने आए. हालांकि भारत सरकार भी मान रही है कि देश में कोरोना वायरस 30 अप्रैल तक अपने चरम पर होगा और फिर तेजी से ये घटेगा. कोविड-19 पर बनी भारत सरकार की हाईपावर कमेटी के चेयरमैन डॉक्टर विनोद के पॉल के मुताबिक भारत में कोरोना के नए मामले 16 मई तक अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंच जाएंगे. यानी वही हफ्ता जिसमें कोरोना के 97 फीसदी खत्म होने की भविष्यवाणी सिंगापुर की यूनिवर्सिटी ने की है.

दोगुने रफ्तार से आ रही है मामलों में कमी
इसके साथ ही भारत सरकार ये भी कह रही है कि भारत में केस दोगुने होने की रफ्तार में भी कमी आ रही है और ये भी एक सकारात्मक संकेत है. लॉक डाउन के पहले हफ़्ते यानी 24-30 मार्च के दौरान देश में कोरोना संक्रमण के मामले 5.2 दिनों में दोगुने हो रहे थे. दूसरे हफ्ते में केस बढ़े तो मामले 4.2 दिनों में दोगुने होने लगे. इसके बाद तीसरे हफ़्ते में 6 दिन तो चौथे हफ्ते में केसों के 8.6 दिन में केस दोगुने हुए.

इसके बाद 21 अप्रैल से शुरू हुए पांचवें हफ़्ते में कोरोना संक्रमण के मामले 10 दिनों में दोगुने हो रहे हैं. सिंगापुर की इस यूनिवर्सिटी ने पूरी दुनिया और दूसरे देशों के लिए भी ये भविष्यवाणी की है, जिसके मुताबिक 29 मई तक पूरी दुनिया से 97% केस कम हो जाएंगे जबकि पूरी तरह से कोरोना खत्म होने में 8 दिसंबर तक का वक्त लगेगा.