कोरोना वायरस : घरों में छिपे हुए मिले 23 जमाती, निजामुद्दीन मरकज के जलसे से लौटे थे गांव

दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज के जलसे में शामिल होने वाले 23 जमाती और मिले हैं। इसके अलावा एक और जमाती जो छह मार्च को दक्षिण अफ्रीका से लौटा था उसे भी क्वारंटीन किया गया है। यह जमाती केंद्र सरकार द्वारा 500 लोगों की जारी सूची में भी शामिल है। ये सभी जमाती मरकज से लौटकर अपने घरों में छिपे थे। पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम इन सभी जमातियों को बिजनौर में नूरपुर मार्ग स्थित एक कॉलेज में क्वारंटीन कराया है, जबकि एक जमाती को जिला अस्पताल में आइसोलेशन में रखा गया है। जिले में अब तक 433 जमाती मिल चुके हैं। इनमें 16 विदेशी जमाती भी शामिल हैं।
केंद्र सरकार ने विदेश से जमात कर लौटे 500 लोगों की सूची जारी की गई। इसमें कोतवाली शहर के मोहल्ला चाहशीरी निवासी जावेद का नाम भी था। जावेद चार महीने जमात में दक्षिण अफ्रीका में रहा था। वह छह मार्च को दक्षिण अफ्रीका से लौटा था। पुलिस ने जावेद को एक कॉलेज में क्वारंटीन किया है। चांदपुर के रहने वाले एक जमाती कानपुर में कोरोना पॉजिटिव मिला है। वहीं मंगलवार को शेरकोट में मरकज से लौटे पांच जमाती घर पर ही छिपे मिले। इन जमातियों को स्वास्थ्य विभाग की टीम अफजलगढ़ सीएचसी में भर्ती कराने के लिए ले गई। पर वहां जगह नहीं होने के कारण उन्हें बिजनौर के नूरपुर मार्ग के एक कॉलेज में क्वारंटीन में रखा गया है।

आइसोलेशन वार्ड में किये गए भर्ती

स्योहारा क्षेत्र के गांव मेवा नवादा में दस, एक रहपनपुर और तीन जमाती मेवाजट में मिले। ये सभी जमाती 13 मार्च को दिल्ली मरकज में गए थे। 16 मार्च को ये दिल्ली मरकज से हरदोई गए। 29 मार्च को हरदोई से घर लौटे और तब से अपने घरों में ही रह रहे थे। इसकी जानकारी मंगलवार को पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम को मिली। उन्हें भी नूरपुर मार्ग स्थित एक कॉलेज में क्वारंटीन कराया। कोतवाली शहर के गांव जंदरपुर से भी मरकज में हिस्सा लेकर एक जमाती को जिला अस्पताल में आइसोलेशन में वार्ड में भर्ती कराया गया है। 

वह 21 मार्च को जलसे से लौटा था और तभी से गांव में ही रह रहा था। एसडीएम धामपुर धीरेंद्र कुमार के मुताबिक मरकज में गए थे और घर पर ही रह रहे थे। उधर, नांगलसोती में नांगलसोती थाने के क्वारंटाइन प्रभारी एसआई विनोद कुमार सिंह ने बताया कि नांगलसोती थाने के गांव सबलपुर बीतरा निवासी तीन युवक भी दिल्ली में हुई मरकज में शामिल होने गए थे और 21 मार्च को अपने गांव आ गए। बताया कि तीनों जमातियों के सैंपल जांच को भेजे गए हैं और सभी को क्वारंटीन सेंटर में भर्ती कराया गया है।