24 घंटे का लगाया गया कर्फ्यू : सुबह से शाम तक जिले के बाजार रहे बंद, सडक़ें रहीं सूनी!

नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव और सार्वजनिक स्थलों के सैनिटाईज करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा 4 अप्रैल को 24 घंटे के लिए घोषित की गई कफ्र्यू का दिनभर व्यापक असर दिखा। पूर्व से जारी लॉकडाउन के दौरान घरों में कैद नागरिकों में कुछ के सडक़ पर निकलने का सिलसिला शनिवार को पूर्णत: बंद रहा। जिसके कारण जिला मुख्यालय अनूपपुर सहित जैतहरी, पसान, बदरा, कोतमा, बिजुरी, राजनगर, चचाई, अमरकंटक, रामनगर, राजेन्द्रग्राम की बाजारें सुबह से वीरान नजर आई। 
जबकि जिलेभर की समस्त मुख्य सडक़ों से लेकर नगर की गलियों व ग्रामीण क्षेत्र की सडक़ें भी सूनी पड़ी रही। नगर और ग्रामीण अचंलों की सडक़ो पर एक्का दुक्का जरूरतमंद लोगों की आवाजाही के अलावा कहीं कुछ नहीं दिखा। नगर से लेेकर गांव तक के घरों में आम नागरिक कैद रहे। सब्जी और राशन सहित सभी प्रकार की आमजन से सम्बंधित सेवाओं को बंद रखा गया। सिर्फ दूध विक्रेता ही सुबह 6 से 9 बजे के बीच घर-घर जाकर दूध विक्रय कर सके इसके अलावा जिले में संचालित मेडिकल स्टोर्स को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा गया था। 

इसके अलावा जिला प्रशासन ने बिजली उत्पादन में लगे संयत्र चचाई पावर प्लांट, एमबी पावर प्लांट तथा बिजली उत्पादन के लिए कोयला सप्लाई करने वाले एसईसीएल की खदानों तथा क्लोरीन उत्पादन करने वाले अमलाई कॉस्टिक सोडा फैक्ट्री को कफ्र्यू से राहत प्रदान की थी। जिले में सम्पूर्ण कफ्र्यू के जायजे में कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुर और पुलिस अधीक्षक किरणलता केरकेट्टा ने अनूपपुर जिला मुख्यालय सहित जैतहरी, पसान, कोतमा, बिजुरी नगरीय क्षेत्र का भ्रमण किया। यहां तक बिजुरी-मनेन्द्रगढ़ मार्ग स्थित चेक पोस्ट पहुंचकर भी आसपास की स्थिति का जायजा लिया और वहां मौजूद अधिकारियों को विशेष दिशा निर्देश दिए। 

माना जाता है कि प्रधानमंत्री द्वारा २२ अप्रैल को अपील की गई १४ घंटे की जनता कफ्र्यू के बाद लॉकडाउन के दौरान जिला प्रशासन द्वारा घोषित की गई यह दूसरी कफ्र्यू रही, जो पूर्णत शत प्रतिशत सफल रहा। भालूमाड़ा थाना क्षेत्र में भी जिला प्रशासन की घोषित कफ्र्यू का व्यापक असर देखा गया। थाना क्षेत्र में जगह-जगह तैनात पुलिस के जवानों ने अपनी ड्यूटी निभाई। इस दौरान नगर के लोगों ने भी शासन के आदेश का पालन करते हुए अपना पूरा सहयोग दिया। पूरा दिन नगर में शांति रही। केवल एसईसीएल कर्मचारी ही सडक़ों पर आते जाते नजर आएं। दुकानों मे मेडिकल की दुकानें खुली रहीं। एसईसीएल जमुना कोतमा क्षेत्र में खदानों, फिल्टर प्लांट, वर्कशॉप में काम जारी रहा। 

सुरक्षा की दृष्टि से अनूपपुर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने भी भालूमाड़ा थाने का निरीक्षण किया और अधिकारियों से जानकारी ली। आज के इस कफ्र्यू में जिस तरह का बंद देखा गया उससे यह बात स्पष्ट हो चली है कि लोगों में अब धीरे-धीरे इस वायरस के दुष्परिणामों का ज्ञान हो चुका है। लोगों का कहना है कि करोना की जंग जीतने के लिए जिला कलेक्टर ने जो कदम उठाया है वह सराहनीय है। 

वहीं कफ्र्यू के मद्देनजर बिजुरी पुलिस द्वारा व्यापक तैयारी भी की गई थी। 4 पेट्रोलिंग वाहन लगातार भ्रमण कर कानूनन व्यवस्था पर नजर बनाए हुए थे। नगर मे चौतरफा पुलिस के हूटरो की आवाज सुनाई पड़ती रही। चौराहो पर भी पुलिस बल तैनात कर 2 फिक्स प्वाइंट बनाए गए थे। कफ्र्यू के दौरान बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बिजुरी माइनस कॉलोनी, कपिलधारा कॉलोनी मे भी सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह से बंद थे और लोग अपने अपने घरो के अंदर थे। इस दौरान कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने बिजुरी नगर का भ्रमण कर बारीकी जायजा लिया ।
Loading...