लॉकडाउन में फंस गया 3 साल का बच्चा, उसको मां से मिलाने के लिए जो किया गया वो आप भी जानिए...

मां की ममता के सामने कोई चीज नहीं टिक सकती। कोरोना लॉकडाउन के संकट में भी तीन साल के बच्च को मां से मिलाने के लिए दो राज्यों का प्रशासन जुट गया। आखिरकार बच्चे को मां से मिला दिया गया। घटना पंजाब के पटियाला की है। बच्चे को पटियाला से जम्मू में उसकी मां के पास सकुशल पहुंचाया गया। पंजाब की महिला एवं बाल विकास मंत्री अरुणा चौधरी ने बच्चे को मां से मिलवाने में मदद करने वाले प्रशासन की तारीफ की है। उधर, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी अरुणा चौधरी के ट्वीट को रिट्वीट किया है।
जानकारी के अनुसार- तीन साल का बच्चा मयंकवीर सिंह कुछ समय पहले पटियाला में मां के साथ ननिहाल आया था। उसके बाद मां पुनीत कौर बच्चे को वहीं छोड़कर जम्मू के कठुआ अपने घर चली गईं। इस बीच पूर देश में लॉकडाउन लागू हो गया। नतीजन बच्चा वहीं फंस गया। बच्चा मां-बाप से मिलने की जिद करने लगा। पटियाला के अर्बन स्टेट फेस-2 में रहने वाले उसके नाना-नानी भी परेशान थे।
आखिरकार मां पुनीत कौर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधीन आने वाले कठुआ चाइल्ड वेलफेयर यूनिट से मदद की गुहार लगाई। उधर, नाना ने पटियाला चाइल्ड वेलफेयर यूनिट से संपर्क किया। मामला दोनों तरफ के प्रशासन के संज्ञान में आया। पटियाला के असिस्टेंट कमिश्नर इस्मत विजय सिंह ने पटियाला और कठुआ चाइल्ड वेलफेयर यूनिट के बीच कोआर्डिनेशन की जिम्मेदारी संभाली।
जम्मू-कश्मीर और पंजाब दोनों राज्यों के प्रशासन ने जब बच्चे को पहुंचाने की ठान ली तो मां पुनीत कौर के लिए अंतरराज्यीय (इंटर स्टेट) लॉकडाउन पास की व्यवस्था की गई। जिसके बाद मां पुनीत कौर पटियाला पहुंचीं और फिर बच्चे को लेकर घर के लिए रवाना हुईं। अधिकारियों के मुताबिक, जम्मू की सीमा पर बच्चे की चेकिंग हुई। थर्मल स्कैनिंग में तापमान सामान्य रहने पर घर जाने दिया गया।
पंजाब की महिला एवं बाल विकास मंत्री अरुणा चौधरी ने ट्वीट करके कहा कि- 'पटियाला जिला बाल कल्याण यूनिट ने तीन साल के बच्चे को जम्मू में घर भेज दिया। मयंकवीर अपने नाना-नानी के पास लॉकडाउन के दौरान पटियाला में फंस गया था। बच्चे के मां-बाप ने प्रशासन के प्रयास की सराहना की।' मंत्री अरुणा चौधरी के इस ट्वीट को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने रिट्वीट किया।