3 मई को नहीं खत्म होगा लॉकडाउन, लेकिन 4 मई से मिलेगी कुछ ऐसी "सुरक्षित छूट"

देश के अलग अलग हिस्सों में फंसे लोगों के सब्र का बांध टूटता जा रहा है. अपने गांव को छोड़कर बड़ेृ-बड़े शहरों में जाकर मजदूरी करके गुजर-बसर करने वाले लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही. शायद यही वजह है कि केंद्र सरकार लॉकडाउन के दौरान लोगों को बड़ी छूट देने जा रही है.
ऐसा नहीं है कि कोरोना वायरस के चलते देशभर में लागू लॉकडाउन 3 मई को पूरी तरह से खत्म हो जाएगा. हां, 4 मई से इसमें बड़ा बदलाव जरूर होने जा रहा है. जानकारी के मुताबिक देश के अलग-अलग हिस्सों में फंसे मजदूर, श्रद्धालु, टूरिस्ट और छात्र अपने घर वापस लौट सकेंगे. सरकार ने इसे लेकर खाका खींच लिया है और राज्यों को निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं.

लॉकडाउन में फंसे लोगों के लिए केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन 4 मई से लागू होगी. ये गाइडलाइन देश के अलग अलग हिस्सों में फंसे मजदूर, विद्यार्थी, और सैलानियों के लिए हैं. राज्यों से कहा गया है कि वो नोडल अथॉरिटी नियुक्त करें और फंसे लोगों का रजिस्ट्रेशन कराया जाए. फंसे हुए लोगों को बसों से उनके घर ले जाया जाएगा.

जिन राज्यों से होकर ये बसें गुजरेंगी, वो राज्य इन्हें नहीं रोकेंगे. खास बात ये है कि जिन लोगों में कोरोना के लक्षण नहीं मिलेंगे, सिर्फ उन्हीं को लौटने की इजाजत मिलेगी. अपने गांव या शहर लौटने वालों को खुली छूट नहीं मिलेगी, वो होम क्वानंटीन में रहेंगे और आरोग्य सेतु ऐप को सक्रिय रखेंगे. ताकि उनकी सेहत पर नजर रखी जा सके. यानी कि सरकार अपने कदम को लेकर एक भी गलती नहीं चाहती है. क्योंकि अगर एक भी व्यक्ति का कोरोना वायरस नहीं पकड़ा जाता है तो. ये एक बार फिर सरकार के लिए मुसीबत खड़ी कर देगा.