लॉकडाउन में पूरे हुए इस दोस्ती की मिसाल को याद रखेगा जमाना, अपने दोस्त के लिए गया 3000 किमी.

दोस्ती सिर्फ शोले फिल्म जैसी जय-वीरू वाली ही नहीं होती है. कुछ लोग जिंदगी खत्म होने के बाद भी दोस्ती को निभाते हैं. कुछ ऐसा ही हुआ चेन्नई में जहां से एक दोस्त की मौत के बाद दूसरे दोस्त ने लॉकडाउन के दौरान 3000 किलोमीटर की यात्रा कर शव को मिजोरम उसके परिजनों के पास अंतिम दर्शन के लिए पहुंचा दिया.
मिजोरम के रहने वाले 28 वर्षीय युवक विवियन लालरेमसांगा का 23 अप्रैल को चेन्नई में हार्ट अटैक की वजह से निधन हो गया था. विवियन के दोस्‍त एवीएल मालछनिमा ने परिजनों के अंतिम दर्शन के लिए उसके पार्थिव शरीर को 3000 हजार किलोमीटर दूर मिजोरम पहुंचाने की ठान ली और इसमें उनका साथ दिया दो एंबुलेंस ड्राइवर जेयंतिजरन और चिन्‍नाथंबी ने.
दोनों एंबुलेंस ड्राइवरों ने लगातार 84 घंटे तक ड्राइविंग की और चार दिन में चेन्नई से मिजोरम की राजधानी आइजोल पहुंच गए. आइजोल पहुंचने के बाद दोस्त ने लालरेमसांगा के पार्थिव शरीर को उनके परिजनों को सौंप दिया. इस प्रकिया के दौरान तीनों लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया. बता दें कि लालरेमसांगा का 23 अप्रैल को चेन्नई में निधन हो गया था.
एंबुलेंस के मिजोरम पहुंचने पर लोगों ने ताली बजाकर दोनों ड्राइवर और मृतक के दोस्त का स्वागत किया. लोग दोनों ड्राइवरों की दिल खोलकर तारीफ कर रहे हैं. मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरमथांगा ने भी ऑनलाइन पोस्ट के जरिेए इन लोगों का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने ट्वीट कर लिखा, मिजोरम इस तरह के सच्चे हीरोज का स्वागत करता है क्योंकि हम मानवता और राष्ट्रीयता पर भरोसा करते हैं.