लॉकडाउन में पत्नी फंस गई, 3 बच्चियों की परवरिश के साथ ही कर रहे हैं दो शिफ्टों में ड्यूटी भी...

शहडोल के संभागीय मुख्यालय के रेलवे स्टेशन में भले ही यात्री टे्रनों का आवागमन बंद है, मगर सफाई कर्मचारी पूरी तत्परता के साथ स्टेशन परिसर की साफ-सफाई कार्य में जुटे हुए है। इन्ही कर्मचारियों मेें एक कर्मचारी ऐसा भी है। जो घर पर अपनी तीन बेटियों की देखभाल भी कर रहा है और दो शिफ्टों में ड्यूटी करके स्टेशन को स्वच्छ और सैनिटाइज रखने में अपनी महती भूमिका का निर्वहन कर रहा है। 
30 वर्षीय सफाईकर्मी बाली गौतम हरिजन की पत्नी प्रीति गौतम हरिजन पिछले 23 मार्च से लॉकडाउन में चिरमिरी में फंसी है और उसकी दस-दस वर्षीय दो जुड़वा और एक 12 वर्षीय बेटियां घर पर ही रहती हैं। इसके बाद भी वह रेलवे स्टेशन में प्रतिदिन अपनी ड्यटी कर रहा है। उसका कहना है कि परिवार के साथ स्टेशन को स्वच्छ रखने की हमारी जिम्मेदारी है। जब पूरा देश कोरोना की महामारी के दौर से गुजर रहा है तो हमारा भी इस महामारी को समाप्त करने का दायित्व बनता है। यदि हमारे शहर का रेलवे स्टेशन स्वच्छ रहेगा तो हमारा परिवार भी स्वस्थ्य रहेगा। 

बीमार पिता को देखने पत्नी मायके गई

बाली गौतम ने बताया है कि पिछले 20 मार्च को उसके ससुर की तबियत खराब होने पर उसकी पत्नि चिरमिरी गई थी, जहां 23 मार्च से लॉकडाउन होने की वजह से वह वापस शहडोल नहीं आ पाई। तब से वह घर पर अपनी तीन बेटियों की देखभाल की जिम्मेदारी के साथ रेलवे स्टेशन में साफ-सफाई का कार्य कर रहा है।