#फैक्ट चेक : 3 साल पुरानी तस्वीर बरेली में पुलिस पर हुए हमले की बताकर किया जा रहा है वायरल

देश में चल रहे लॉकडाउन के बीच स्वास्थ्यकर्मियों और पुलिसवालों पर हमले की खबरें आ रही हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर भी एक तस्वीर खूब वायरल हो रही है. तस्वीर में एक आदमी जमीन पर गिरे पुलिसकर्मी को सरेआम लात मारते हुए दिखाई दे रहा है. दावा किया जा रहा है कि इस पुलिसकर्मी को इसलिए पीटा गया क्योंकि ये लोगों को एक जगह जमा होकर ताश खेलने और नमाज पढ़ने से रोक रहा था.
इस घटना को उत्तर प्रदेश के बरेली का बताया जा रहा है. साथ ही यह भी दावा किया गया कि इस दौरान लोगों ने एक पुलिस स्टेशन फूंकने की कोशिश भी की है. इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज़ वॉर रूम (AFWA) पाया कि यह तस्वीर लगभग तीन साल पुरानी है. हालांकि, यह बात सच है कि बरेली में इसी तरह की एक घटना हुई है. इस पोस्ट को फेसबुक पर जमकर शेयर किया जा रहा है. अभी तक वायरल पोस्ट को हजारों लोग शेयर कर चुके हैं.

कैसे किया गया पड़ताल?
रिवर्स सर्च की मदद से हमने पाया कि ये तस्वीर जून, 2017 में "Daily Mail" के एक न्यूज आर्टिकल में इस्तेमाल हुई थी. तस्वीर तब ली गई थी जब कानपुर के एक अस्पताल में एक किशोरी से रेप का मामला सामने आया था. इसी पर गुस्साई भीड़ ने हंगामा कर दिया था और पुलिस अधिकारियों पर हमला भी किया था. हमें "The Sun" की एक और रिपोर्ट मिली जिसमें ये तस्वीरें इसी सूचना के साथ प्रकाशित हुई हैं. 

कानपुर की इसी घटना की कुछ तस्वीरें कुछ दिनों पहले भी गलत दावे के साथ शेयर हो रहीं थी. इंडिया टुडे ने इस पर खबर भी की थी. यह तस्वीर भले ही 2017 की हो, लेकिन बरेली में भी बंद का पालन कराने गई पुलिस टीम पर सोमवार को उपद्रवियों ने हमला कर दिया था. खबरों के मुताबिक लोगों ने पुलिस पर बेकसूरों को पीटने का आरोप लगाते हुए हाईवे जाम कर दिया था. इस दौरान एक पुलिस चौकी फूंकने की कोशिश भी की गई. इस हमले में कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी खबर है.

फैक्ट चेक
दावा तस्वीर में दिख रहे पुलिसकर्मी को बरेली में पीटा गया, क्योंकि ये लोगों को एक जगह जमा होने से रोक रहा था.निष्कर्षयह तस्वीर लगभग तीन साल पुरानी है. हालांकि यह बात सच है कि बरेली में इसी तरह की एक घटना जरूर हुई है.