लॉकडाउन में बेटी की गुमशुदा होने की पिता ने दर्ज कराई वपोर्ट, 4 दिन बाद उसका जला हुआ शव बरामद...

जगदलपुर शहर से लगे आसना जंगल में चार दिनों से गुमशुदा विवाहित युवती का जला हुआ शव मिला है। यह खबर लगते ही आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस उसके पति कृष्णा झारी की तलाश में जुटी है। जिस पर परिजन ने हत्या का आरोप लगाया है। कोतवाली पुलिस इस मामले की बारिकी से जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक बकावंड निवासी अतब नेताम ने 8 अप्रैल को अपनी बेटी कविता नेताम गुमशुदगी का रिपोर्ट दर्ज करवाया था। 
जिसके बाद से पुलिस गुमशुदा युवती की तलाश कर रही थी। युवती की पतासाजी करते हुए पुलिस ने उसका शव आसना व डोडरेपाल के बीच स्थित जंगल में मिला है। मृतिका के शव के पास प्राप्त अन्य सामानों के आधार पर भी उसकी पहचान कविता नेताम के तौर पर पुलिस ने की है। युवती ने खुद अपने शरीर में आग लगाकर जान दी है या फिर किसी ने उसे जलाया गया हैए यह स्पष्ट नहीं हो सका है। इस बात की जांच पुलिस करेगी, फिलहाल युवती के शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज में रेफर किया गया है। पुलिस के मुताबिक शव चार दिन पुराना है।

कोतवाली पुलिस ने अब तक की जांच में यह पाया है कि मृतिका कविता नेताम ने वर्ष 2017 में बदलाव निवासी कृष्णा झाली के साथ प्रेम.विवाह किया था, जो पेशे से वाहन चालक है। शादी के बाद भी कृष्णा झाली के द्वारा कविता नेताम ने कई बार मारपीट करने के संबंध में बकावंड चैकी में रिपोर्ट दर्ज कराया था। कृष्णा झाली के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया था। पति से तंग आकर पिछले करीब 1 साल से मृतिका अपने मायके में आकर रह रही थी। मृतिका व उसके पति के संबंध में सामान्य नहीं चल रहे थे।

कोतवाली थाना प्रभारी ने बताया कि मृतिका के पति की तलाश करते हुए पुलिस उसके घर पहुंची थीए लेंकिन घर पर नहीं पाया गया है। जिसकी तलाश बकावंड और कोतवाली पुलिस कर रही है। उक्त मामले में मृतिका की मृत्यु के संबंध में पुलिस बारीकी से जांच कर रही है। पति से अलग होने के बाद कविता ने अपनी नई जिंदगी शुरू करने और अपने पैर में खड़े होने का फैसला लिया थाए लेकिन उसके पति ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। लगातार उसे परेशान किया करता। 

अपने पास वापस नहीं आने पर जान से मारने की धमकी भी देता रहा। कविता ने पुलिस को बताया था कि उसे अपने पति से जान का खतरा है। परिजन का कहना है कि यदि पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेती तो शायद आज उनकी बेटी जिंदा होती। मृतिका कविता का कुम्हारपारा स्थित सुभाष चंद्र पेट्रोल पंप में काम करती थी और प्रतिदिन बकावंड से जगदलुर आना.जाना करती थी। वह 8 अप्रैल को ड्यूटी पर सुभाष पेट्रोल पंप में आई थी और ड्यूटी के बाद शाम को घर के लिए अपनी स्कूटी में वापस निकली थी जिसके बाद वह अपने घर नहीं पहुंची थी।