सुशील ग‍िर‍ि महाराज ने 4 घंटे पहले ही की थी मां को वीड‍ियो कॉल, उनके गांव सुल्‍तानपुर में छाया मातम

महाराष्ट्र राज्य के पालघर में अनजान लोगों की भीड़ द्वारा मारे गए संत सुशील गिरि की मौत के बाद पैतृक घर पीपी कमैचा के चांदा कस्बे में मातमी सन्नाटा छा गया है। घर पर जहां ढ़ाढस देने वालों का तांता लगा हुआ है। वहीं हर कोई इस घटना की न‍िंंदा कर रहा है। सुशील गिरि महराज उर्फ रिंकू दूबे जिले के चांदा कस्बे के निवासी थे। वर्ष 1997 में वे कक्षा छह में पढ़ते थे। विद्यालय से आने के बाद पिता ने किसी बात को लेकर डांट दिया तो ये क्षुब्ध होकर अपने ननिहाल पट्टी प्रतापगढ़ चले गए। 
वहीं से बिना किसी से बताए प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन गए और एक अनजान ट्रेन पर बैठ गए। संयोग से वह ट्रेन महाराष्ट्र के मुंबई तक ही जाती थी। वे वहां उतरे ही थे कि इनकी मुलाकात जूना अखाड़े के कुछ संतों से हो गई, जिससे वे साधुओं के अखाड़ा में पहुंचे। वहां रामगिरि महाराज से दीक्षा लेकर पूजा पाठ में रम गए। सुशील गिरि महराज उर्फ रिंकू दूबे जिले के चांदा कस्बे के निवासी थे। वर्ष 1997 में वे कक्षा छह में पढ़ते थे। विद्यालय से आने के बाद पिता ने किसी बात को लेकर डांट दिया तो ये क्षुब्ध होकर अपने ननिहाल पट्टी प्रतापगढ़ चले गए। 
वहीं से बिना किसी से बताए प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन गए और एक अनजान ट्रेन पर बैठ गए। संयोग से वह ट्रेन महाराष्ट्र के मुंबई तक ही जाती थी। वे वहां उतरे ही थे कि इनकी मुलाकात जूना अखाड़े के कुछ संतों से हो गई, जिससे वे साधुओं के अखाड़ा में पहुंचे। वहां रामगिरि महाराज से दीक्षा लेकर पूजा पाठ में रम गए। माता मनराजी देवी बताती हैं कि 2005 में वह कानपुर सत्संग में आया था। वहीं पर उसकी मुलाकात उसके बचपन के मित्र ज्वाला दूबे से ही गई। काफी मान मनौव्वल के बाद वह घर आया तो जरूर, लेकिन सप्ताह भर बाद फिर चला गया।
घटना के चार घंटे पहले सुशील गिरि महाराज ने घर पर वीडियो कॉल कर अपनी मां मनराजी से बात करते हुए कहा था- मां गुरुजी के अंतिम संस्कार में जा रहा हूं, तुमसे मिलने की बहुत इच्छा हो रही है। लॉकडाउन के बाद घर आऊंगा तो खूब बात करेंगे। सुशील गिरि महराज के मौत की खबर पर विधायक देवमणि दूबे ने पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार व पालघर के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर हत्या की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। वहीं सपा के पूर्व विधायक पूर्व विधायक संतोष पांडेय ने घर पहुंच ढांढस बंधाया।